- साक्ष्य के अभाव में बरी हुए जेठ, जेठानी और सास
अतिरिक्त दहेज के लिए विवाहिता को प्रताड़ित कर मौत के घाट उतारने के मामले में विशेष एडीजे बाबूराम ने दहेज लोभी पति को दस साल के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही आरोपी के खिलाफ जुर्माना भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष रखते हुए एडीजीसी संजय सिंह ने बताया कि पड़ोसी जिला सीतापुर के हरगांव निवासी सलीम ने अपनी बेटी फहमीना की शादी जून 2010 में ओयल के कबड़ियन टोला निवासी अल्ताफ के साथ की थी। आरोप है कि शादी के बाद से ही पति अल्ताफ, सास सरवरी और जेठ रहीसुन और जेठानी शकीला ने फहमीना के साथ मारपीट करते हुए उसे कम दहेज लाने का ताना देने लगी थीं। कुछ दिन बाद ससुराल में फांसी के फंदे पर लटकती हुई फहमीना का शव मिला। 29 जुलाई 2012 को मृतका के पिता सलीम ने पति समेत पूरे परिवार पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अदालती सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से सलीम, हाशमी खां, सीओ अखिलेश नरायन सिंह, डा. केसी वर्मा, कांसटेबिल राजकुमार यादव और रफी आलम की गवाही दर्ज कराई। अदालत ने सुनवाई के बाद आरोपी पति अल्ताफ को दहेज मृत्यु के तहत दोषसिद्ध पाते हुए दस वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही छह हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। वहीं साक्ष्य के अभाव में आरोपी जेठ, जेठानी और सास को अदालत ने बरी कर दिया।