यूपी सहकारी ग्राम विकास बैंक अध्यक्ष के पुत्र और उनके साथियों पर दर्ज धोखाधड़ी की रिपोर्ट के मामले में पीड़ित व्यक्ति ने विवेचक पर लीपापोती का आरोप लगाकर इसकी शिकायत पुलिस महानिदेशक से की है।
गांव लोकईपुरवा निवासी राजेंद्र ने बताया कि उसके पिता बहोरी मंदबुद्धि हैं। आरोप है कि गांव रकेहटी निवासी बैनामा लेखक सुनील कुमार ने उसके पिता को बहला फुसलाकर कहा था कि कुछ जमीन खरीद रहा हूं, जिसका बैनामा तुम्हारे नाम करना है। इसके बाद 22 अक्तूबर 2014 को एक एकड़ 52 डिस्मिल जमीन का बैनामा मोतीपुर निवासी शरीफ खां के नाम करा दिया। इसकी जानकारी उनको तब हुई जब वह लोग जमीन पर कब्जा करने पहुंचे। मामला सत्तापक्ष का होने के कारण पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। तब उसने कोर्ट की शरण ली, जिसके बाद कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने ग्राम विकास बैंक अध्यक्ष रामआसरे यादव के पुत्र बैनामा लेखक सुनील यादव, जमीन खरीदने वाले मोतीपुर निवासी शरीफ खां, गवाह अंबिका और फुरकान के खिलाफ धोखाधड़ी कर जमीन का बैनामा कराने की रिपोर्ट दर्ज की थी। राजेंद्र ने विवेचक दरोगा वीरसिंह पर आरोपियों को बचाने का आरोप लगाते हुए पुलिस महानिदेशक से शिकायत की है। इस संबंध में दरोगा वीर सिंह ने बताया कि आरोप निराधार है। मामले की जांच चल रही है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।