शिक्षकों और प्रशिक्षु शिक्षकों की कार बेकाबू होकर पलिया-निघासन मार्ग पर
मलिनियां गांव के पास खंती में पलट गई, जिसमें शिक्षक की मौके पर ही मौत हो
गई, जबकि एक प्रशिक्षु शिक्षक ने वनवीट अस्पताल में दम तोड़ दिया। इसके
अलावा गंभीर रूप से जख्मी हुए दो शिक्षक और एक प्रशिक्षु के पति को जिला
अस्पताल रेफर किया गया है। इसमें एक शिक्षक और प्रशिक्षु के पति को लखनऊ
रेफर कर दिया गया है।
मरुआ पश्चिम विद्यालय में चल रहे प्रशिक्षु
प्रशिक्षण के बाद यहां के अफीमीपुरवा प्राथमिक विद्यालय के सहायक अध्यापक
36 वर्षीय संतोष सिंह निवासी जिला इलाहाबाद, पलिया एबीआरसी और प्रशिक्षक 35
वर्षीय धीरेंद्र प्रधान निवासी मवाना रामनगर, शिक्षक 36 वर्षीय चंदन सिंह
निवासी जिला मुजफ्फरनगर, प्रशिक्षु 45 वर्षीय योगेंद्र सिंह पुत्र नाहर
सिंह निवासी जिला मुजफ्फरनगर, प्रशिक्षु प्रियंका सिंह के पति 35 वर्षीय
हितेंद्र प्रताप सिंह पुत्र तेजपाल सिंह निवासी गाजियाबाद स्वीफ्ट कार
संख्या यूके 07 0992 से पलिया-निघासन मार्ग पर कहीं जा रहे थे। कार
प्रशिक्षु के पति चला रहे थे। मलिनियां गांव के पास अज्ञात कारणों के चलते
वह काबू खो बैठे और कार सड़क किनारे खंती में जा गिरी। इसमें सभी सवार बुरी
तरह से जख्मी हो गए और शिक्षक संतोष ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। सूचना पर
पहुंची पुलिस ने सभी को पलिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र्र में पहुंचाया।
यहां हालत गंभीर होने के कारण धीरेंद्र, योगेंद्र्र, चंदन और हितेंद्र को
सघन इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। प्रशिक्षु शिक्षक योगेंद्र
की हालत ज्यादा नाजुक होने के कारण उसे रास्ते में ही भीरा के वनवीट
अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उसने दम तोड़ दिया। जख्मी शिक्षक
धीरेंद्र प्रधान, प्रशिक्षु के पति हितेंद्र प्रताप को जिला अस्पताल से
हालत गंभीर होने के कारण लखनऊ रेफर कर दिया गया। जबकि चंदन सिंह का जिला
अस्पताल में इलाज जारी है। मृतक संतोष और योगेंद्र के शवों को पोस्टमार्टम
के लिए लखीमपुर भेजा गया है।
कई पलटे खाई कार
बेकाबू होकर पलटी कार में सवार लोगों की हालत ज्यादा नाजुक इस लिए हुई क्योंकि उनकी कार ने कई पलटे खाए और बाद में पेड़ से टकरा गई।
शिक्षा महकमें मे शोक की लहर
एक
शिक्षक और प्रशिक्षु शिक्षक की मौत से शिक्षा महकमे में शोक की लहर दौड़
गई है। ब्लाक क्षेत्र के सारे शिक्षक और प्रशिक्षु शिक्षक खबर मिलते ही
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंच गए और कई अपने जख्मी साथियों के साथ जिला
अस्पताल भी गए।
काफी मिलन सार थे संतोष और योगेंद्र
शिक्षक
अनूप गुप्ता, अरुण अवस्थी ने बताया कि कार हादसे में मौत का शिकार हुए
शिक्षक संतोष काफी मिलनसार थे। वह वर्ष 2011 में यहां तैनात हुए थे और तब
से कार्यकलापों से अपने साथियों के दिलों में घर कर लिया था, जबकि
प्रशिक्षु योगेंद्र अभी हाल ही में यहां आए थे और अफीमीपुरवा प्राथमिक
विद्यालय में ट्रेनिंग ले रहे थे। उन्होंने कम दिनों में ही अपने साथियों
में काफी पैठ बना ली थी और सभी उनको काफी चाहते भी थे।
बीएसए और खंड शिक्षाधिकारी भी पहुंचे जिला अस्पताल
जख्मी
शिक्षकों को देेखने के लिए सूचना मिलते ही बीएसए डॉ. ओपी राय और पलिया खंड
शिक्षाधिकारी भरत वर्मा जिला अस्पताल पहुंच गए। बीएसए ने चिकित्सकों से
वार्ता भी की।