सड़क हादसे में पांच लोगों की मौत का मामला: जिसने सुना वही रह गया सन्न, गांव में पसरा मातमी सन्नाटा
पीलीभीत-बस्ती हाईवे पर ट्रैक्टर ट्रॉली और बाइक की भिड़ंत में दो लोग घायल हुए थे। इसकी ग्रामीणों ने डायल 100 और एंबुलेंस 108 को सूचना दी और ठंड से कांप रहे दोनों घायलों को वेदराम के बंगले के पास ले गए। जहां आग जलाकर सभी आग तापने लगे और वाहनों का इंतजार करने लगे। इधर, डेढ़ घंटे तक न तो डायल 100 पहुंची और न ही एंबुलेंस 108, इसी बीच ट्रक ने पांच इंसानी जिंदगियों को लील लिया। यदि बाइक और ट्रैक्टर-ट्रॉली के हादसे की सूचना पर दोनों वाहन समय से पहुंच जाते तो शायद घटना टल सकती थी।
ग्रामीणों ने बताया कि बुधवार की शाम करीब साढ़े सात बजे बाइक सवार ट्रैक्टर-ट्रॉली से भिड़कर घायल हो गए। इसकी सूचना उन लोगों ने डायल 100 और 108 एंबुलेंस को दी। चूंकि घायल कांप रहे थे। इसलिए ग्रामीणों ने आग जला दी और सरकारी वाहनों का इंतजार करने लगे, लेकिन डेढ़ घंटे तक न तो डायल 100 पहुंची और न ही 108 एंबुलेंस? पहुंचा तो काल बनकर ट्रक, जिसने गांव के एक ही परिवार के तीन लोगों सहित पांच जिंदगियां छीन ली। गांव निवासी प्रमोद कुमार, अवधेश कुमार सहित कई ग्रामीणों का कहना है कि बाइक सवारों के घायल होने की सूचना पर यदि डायल 100 और 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंच जाती तो शायद सभी लोग आग जलाकर वहां खड़े नहीं रहते, लेकिन होनी को कौन टाल सकता था। उधर हादसे में पांच लोगों की मौत की सूचना जब गांव में पहुंची तो जिसने सुना वही अवाक रह गया। जो जैसे जहां था वैसे ही घटनास्थल की ओर भाग निकला। सैकड़ों की संख्या में लोगों की भीड़ मौके पर एकत्र हो गई। कुचले पड़े शव देखकर लोग कांप उठे। हरेक व्यक्ति की आंखे नम हो गईं। मौके पर पहुंची पुलिस सभी शवों और घायलों को रात में ही जिला मुख्यालय ले आई। गुरुवार की सुबह बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ पोस्टमार्टम हाउस में जुटी रही।
राधेश्याम के बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल
हादसे में गांव महाराजनगर निवासी राधेश्याम, उनकी पत्नी कोकिला और पुत्री पूजा की मौत हो गई। उनके तीन पुत्र और एक पुत्री का रो-रोकर बुरा हाल है। बिलख रहे बच्चों और परिवार क लोगों को आसपास के लोग ढाढ़स बंधा रहे थे।