तीसरे चरण के मतदान को रवाना हो गया फोर्स
फोर्स की कमी से जूझ रहे थाने
मतदान के बाद पुलिस के सामने अपराध नियंत्रण की टेंशन है। वजह है जिले से अधिकांश पुलिस कर्मी तीसरे चरण का मतदान कराने रवाना हो गए हैं। इससे पुलिस व्यवस्था बनाए रखना पुलिस के लिए चुनौती है। हालांकि गश्त व्यवस्था तेज की गई है। अधिकारी भी रात-रात भर चेकिंग कर रहे हैं।
जिले में दूसरे चरण में 15 फरवरी को मतदान प्रक्रिया संपन्न हो गई थी, इसके बाद जिले के पुलिसकर्मियों की ड्यूटी वीवीआईपी की जनसभाओं और तीसरे-चौथे चरण के मतदान में भी लगाई गई है। तीसरे चरण में इंस्पेक्टर और दरोगाओं समेत करीब सात सौ पुलिस कर्मियों को ड्यूटी के लिए पड़ोसी जिला सीतापुर भेजा गया है। इसके अलावा अन्य कई जिलों में खीरी जिले के पुलिसकर्मी और होमगार्ड चुनाव संपन्न कराएंगे। जिले में पुलिसकर्मियों की पहले से ही भारी कमी है। ऐसे में सात सौ पुलिस कर्मियों के ड्यूटी पर चले जाने के बाद पुलिस अफसरों के सामने चोरी, लूट की घटनाओं पर नियंत्रण रखना चुनौती बन गया है। उधर, 19 सौ होमगार्डों की ड्यूटी भी चुनाव में लगी होने के कारण थानों पर होमगार्डों की भी भारी कमी है। आलम यह है कि थानों पर महज दो से तीन सिपाही ही बचे हैं। एसओ संपूर्णानगर धर्मेंद्र सिंह की माने तो उनके थाने में सिर्फ एक सिपाही ही बचा है। ऐसे में वह क्या कर सकते हैं। हालांकि एसपी मनोज कुमार झा ने इस चुनौती से निपटने के लिए रणनीति बनाई है। उन्होंने कहा कि फोर्स की कमी महसूस नहीं करने दी जाएगी। रात गश्त में अफसरों को भी लगाया गया है।
फोर्स की कमी की वजह से आपराधिक घटनाएं न हों, इसके लिए उन्होंने ठोस रणनीति बनाई है। रणनीति के तहत सभी अफसर भी गश्त कर घटनाओं को रोकने का प्रयास करेंगे। - मनोज कुमार झा, एसपी