शिकायती पत्र के साथ सपा के एक नेता की चिट्ठी देखकर भड़के एसडीएम पीके सिंह पर आरोप है कि उन्होंने शिकायतकर्ता को पहले मुर्गा बनाया और बाद में थाने की हवालात में डाल दिया। हालांकि बाद में पार्टी के विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष के कहने पर पीड़ित को सीओ ने तीन घंटे बाद थाने से छुड़वा दिया। शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी से मामले की शिकायत की है। डीएम गौरव दयाल ने ऐसी कोई घटना संज्ञान में होने से इन्कार करते हुए मामले में जांच कराने की बात कही है।
क्षेत्र के गांव चौधरीपुरवा निवासी रामकिशोर वर्मा का परिवार के ही एक व्यक्ति से जमीन का विवाद चल रहा था। आरोप है कि कई बार उन्होंने एसडीएम को शिकायती पत्र दिया। कार्यवाही न होने पर उसने सपा कार्यालय में लगने वाले जनता दरबार में प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई। इस पर समस्याएं सुन रहे राकेश बाथम ने एसडीएम के नाम पत्र लिख दिया। वर्मा इस पत्र को लेकर तहसील पहुंचा। वहां पर मौजूद किसी व्यक्ति ने एसडीएम के सिंगाही थाने में होने की बात कही, जिस पर वर्मा सिंगाही थाने पहुंच गया। आरोप है कि वहां उसने जैसे ही एसडीएम को सपा नेता की चिट्ठी दी, वे आग बबूला हो गए और वहां मौजूद सीओ, एसओ समेत कई लोगों के सामने उसे मुर्गा बना दिया। उसके बाद उसे तीन घंटे हवालात में बंद रखा।
मामले की जानकारी होने पर पार्टी के विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष गुलाम जिलानी ने सीओ से वर्मा को छोड़ने के लिए कहा। इस संबंध में गुलाम जिलानी और राकेश बाथम ने कहा कि एसडीएम की कार्यशैली की शिकायत सीएम से जाएगी। विधायक केजी पटेल ने भी कहा कि एसडीएम पर कार्रवाई कराई जाएगी।
एसडीएम, निघासन पीके सिंह ने बताया कि उनके पास एक महिला शिकायत लेकर आई थी कि उसके परिवार के ही कुछ लोग बैनामे की जमीन पर कब्जा नहीं करने दे रहे हैं और धमकी दे रहे हैं। यह मामला पेशबंदी का है। कार्रवाई न हो, इसके लिए ग्रामीण भी शिकायती पत्र लेकर आ गया। इसीलिए उसे पुलिस को सौंपा गया था। मुर्गा बनाने की बात बेबुनियाद है।
जिलाध्यक्ष सपा अनुराग पटेल ने बताया कि जिला कार्यकारिणी की बैठक में व्यस्त होने के कारण हमें इसकी जानकारी नहीं है। अगर इस तरह का कोई मामला आया है तो डीएम से इसकी शिकायत कर कार्रवाई कराई जाएगी।