जाली अभिलेखों के आधार पर मोहल्ला ईदगाह स्थित एक भवन को बेचने के मामले का
खुलासा हुआ है कि इस प्रकरण में एक रैकेट संलिप्त है, जो ऐसे मामलों में
लोगों को फंसाकर मोटी रकम ऐंठ लेता है। एडीएम हरिकेश चौैरसिया के निर्देश
पर उप निबंधक महेश कुमार मिश्रा तीन महिलाओं समेत पांच लोगों के खिलाफ
मुकदमा दर्ज करा चुके हैं। जबकि इससे पहले भी कथित खरीददार द्वारा सदर
कोतवाली में आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया गया था।
बता
दें कि धोखाधड़ी के आरोप में ईदगाह मोहल्ला निवासी राजकुमारी, उर्मिला,
रामलली, कमल पांडे और रवि सिंह के खिलाफ सदर कोतवाली में उप निबंधक ने
मुकदमा दर्ज कराया हैै। एडीएम हरिकेश चौरसिया ने बताया कि जांच में खुलासा
हुआ है कि कथित खरीददार राजकुमारी वाजपेयी के पति ज्ञान प्रकाश वाजपेयी को
फर्जी बैनामा होने की जानकारी मिली, तो उसने कथित विक्रेताओं के खिलाफ करीब
दो माह पूर्व सदर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। ज्ञान प्रकाश ने
बताया है भवन पर कब्जा दिलाने में कथित विक्रेताओं के साथ नीमगांव निवासी
संतोष, घोसियाना निवासी सलीम घोसी और कस्ता निवासी शरीफ गद्दी शामिल थे।
इसके बाद पता लगा कि यह मकान उनका है ही नहीं। पूरे मामले में जालसाजों ने
जाली दस्तावेजों के सहारे 10 लाख रुपये हड़प लिए। एडीएम हरिकेश चौरसिया ने
बताया कि प्रकरण में आरोपियों की संख्या और बढ़ सकती है।