पुलिस प्रताड़ना से परेशान होकर गांव नौतला भवानीगंज निवासी 25 वर्षीय गुड्डू ने फांसी लगाकर जान दे दी। मृतक के भाई राममूर्ति उर्फ रामू का आरोप है कि कोतवाली के सिपाही एके सिंह ने गुड्डू से 20 हजार रुपये लेने के लिए उसे न सिर्फ जेल भेजने के लिए धमकाया, बल्कि अपने साथियों से बार-बार दबाव डलवाकर आत्महत्या के लिए मजबूर कर दिया। पुलिस ने मामले में सिपाही और उसके दो अन्य साथियों पर आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का मामला दर्ज कर लिया है। एसपी अरविंद सेन ने सिपाही को प्रथमदृष्टया दोषी मानते हुए लाइन हाजिर कर दिया है। उधर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी फांसी लगने से मौत होने की पुष्टि हुई है।
गांव लाल्हापुर निवासी 36 वर्षीय अनिल कुमार शर्मा की 25 मार्च को जंगल में क्षत-विक्षत लाश मिली थी। मामले में हत्या की रिपोर्ट दर्ज हुई थी। इसी मामले में पुलिस ने 26 मार्च को गुड्डू को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। मृतक के भाई का कहना है कि पुलिस ने उसे 27 मार्च की दोपहर बुलाए जाने के बाद थाने आने की हिदायत देकर छोड़ दिया था। आरोप है कि वह घर पहुंचा तो सिपाही एके सिंह ने वहां आकर उससे कहा कि 20 हजार का इंतजाम कर लो वरना हत्या के जुर्म में जेल जाओगे। सिपाही की इस बात से उसका भाई परेशान हो गया था। उसने 27 की शाम को खाना भी नहीं खाया। गरीबी के कारण वह लोग रुपये की व्यवस्था नहीं कर पाए। उधर 27 मार्च को ही सिपाही ने अपने साथियों प्रदीप कुमार और कल्लू सांसिया को भेजकर रुपये देने के लिए दबाव बनाया। मृतक के भाई का आरोप है कि वे दोनों दिन में कई-कई बार रुपये मांगने आने लगे, जिससे उसका भाई बहुत परेशान हो गया। नतीजतन 30 मार्च की रात को उसने कमरे में फांसी लगा ली।
एसपी अरविंद सेन ने बताया कि मृतक के भाई की तहरीर के आधार पर सिपाही सहित तीन लोगों पर धारा 306 के तहत अभियोग दर्ज कर लिया गया है। साथ ही सिपाही को लाइन हाजिर किया गया है। मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी।