दुधवा टाइगर रिजर्व के बफर जोन में शामिल दक्षिण खीरी वन प्रभाग के भीरा और मैलानी रेंजों में बाघों की आबादी बढ़ने की उम्मीद जगी है। यहां बाघ गणना के लिए लगाए गए कैमरों में दो नए बाघों के अलावा कई शावकों की तस्वीरें भी ट्रैप हुई हैं। बाघों की संख्या बढ़ने की उम्मीद से वन विभाग खासा उत्साहित है। कैमरा लगाने के बाद पहली बार जो तस्वीरें लोड हुई हैं उनके परिणाम काफी उत्साहजनक हैं।
बाघ गणना-2015 के लिए किशनपुर सेंक्चुरी के बाद दक्षिण खीरी वन प्रभाग के मैलानी और भीरा रेंजों में भी कैमरे लगाए गए है। मैलानी रेंज में 26 और भीरा रेंज में कुल 20 कैमरे लगाए गए हैं। कैमरे लगाने के एक सप्ताह बाद ट्रैप हुई तस्वीरें डाउनलोड की गई हैं। इसमें भीरा रेंज की महराजनगर बीट और मैलानी रेंज के किशनपुर उत्तरी बीट में अलग-अलग ऐसे बाघों की तस्वीरें आई हैं जिनकी तस्वीरें पिछली बार हुई बाघ गणना में ट्रैप नहीं हुई थीं। कई शावकों की तस्वीरें भी ट्रैप हुई हैं।
डीएफओ साउथ नीरज कुमार ने बताया कि मैलानी रेंज के खरेहटा, भरिगवां, महुरेना और जटपुरा बीटों में कुल 26 कैमरे लगाए गए हैं। इसी तरह भीरा रेंज के छैरासी, पड़रिया, पलनापुर और महराजगंज में 20 कैमरे लगाए गए हैं। यह कैमरे अपने स्थान पर 40 दिन लगे रहेंगे। इन कैमरों से ट्रैप हुई तस्वीरों को हर सप्ताह डाउनलोड किया जा रहा है। बाद में इन तस्वीरों को विश्लेषण के लिए वन्यजीव संस्थान देहरादून भेजा जाएगा।
मालूम हो कि दो साल पहले दक्षिण खीरी वन प्रभाग में कैमरा ट्रैपिंग विधि से गणना करने के बाद कुल सात बाघ मिले थे। इस बार पहले से ज्यादा बाघ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। किशनपुर सेंक्चुरी, दक्षिण खीरी वन प्रभाग, पीलीभीत टाइगर रिजर्व के बराही, हरीपुर और कतर्नियाघाट में गणना के बाद दुधवा पार्क में कैमरे स्थापित किए जाएंगे।
दक्षिण खीरी वन प्रभाग के भीरा और मैलानी रेंज में लगाए गए कैमरों से जो तस्वीरें डाउनलोड की गईं हैं उसमें दो ऐसे बाघों की तस्वीरें लोड हुई हैं जिनकी तस्वीरें पहले हुई गणना में नहीं आई थीं। इससे बाघों की संख्या में इजाफा होने की उम्मीद जगी है।
-नीरज कुमार, डीएफओ साउथ खीरी।