दिल्ली-लखनऊ नेशनल हाईवे पर बुधवार सुबह पत्थर से भरे ओवरलोड ट्रक ने एक बाइक में पीछे से टक्कर मार दी। इससे बाइक सवार एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा युवक गंभीर घायल हो गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। घायल को उपचार के लिए सीतापुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दुर्घटना के बाद चालक और हेल्पर ट्रक छोडकर फरार हो गए।
मैगलगंज थाना क्षेत्र के जमुनियां कढ़िले गांव निवासी होमगार्ड यदुनाथ सिंह का 23 वर्षीय पुत्र अनिरुद्ध सिंह मैगलगंज कस्बे में मोबाइल की दुकान चलाता है। बुधवार सुबह करीब साढे़ दस बजे वह अपने चचेरे भाई आलोक सिंह के साथ बाइक पर सवार होकर दुकान खोलने के लिए घर से निकला था। अभी दोनो भाई नेशनल हाईवे के मैगलगंज कस्बा स्थित थाने से चंद कदम पहले ही थे कि शाहजहांपुर की ओर से तेज रफ्तार से आ रहे पत्थर से भरे ट्रक ने बाइक में पीछे से जोरदार टक्कर मार दी।
पीछे से ट्रक की टक्कर लगने से बाइक पर सवार दोनों भाई बाइक समेत समेत गिर गए लेकिन अनिरुद्ध सिंह ट्रक के आगे फंस गया। इससे उसकी मौके पर ही ट्रक के नीचे दबकर मौत हो गई। आलोक सड़क पर दूर जा गिरा। दुर्घटना की सूचना पाकर एसओ आनंद शाही ने घायल आलोक को उपचार के लिए स्थानीय चिकित्सक के यहां भर्ती कराया। वहां उसकी हालत गंभीर होते देख उसे सीतापुर जिला अस्पताल भेज दिया गया। पुलिस ने अज्ञात ट्रक चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेजा है।
एक हादसे से बिखर गए कई सपने
हैैरमखेड़ा/मैगलगंज। नेशनल हाईवे पर हुए हादसे ने कई लोगों के सपनों को चूर-चूर कर दिया। एक साल की मासूम बेटी के सिर से पिता का साया उठ गया तो मां-बाप के बुढ़ापे की लाठी छिन गई।
करीब दो साल पहले मैगलगंज थाना क्षेत्र के चौगानपुर गांव निवासी राजपाल की पुत्री रजनीदेवी के साथ अनिरुद्ध सिंह का विवाह हुआ था। करीब एक साल पहले अनिरुद्ध के घर में पुत्री का जन्म हुआ था। उसके जन्म के एक साल बाद ही पुत्री के सिर से पिता का साया छिन गया, इस दुर्घटना में पुत्री अनाथ हो गई तो रजनी के माथे का सिंदूर पुंछ गया। पुत्र की मौत से बुजुर्ग मां-बाप का भी रो-रो कर बुरा हाल है। चार संतानों में तीन बेटियां हैं और एक बेटा अनिरुद्ध था।