इलाके के एक गांव में किशोरी से दुष्कर्म और घर से उठाने के प्रयास का मुकदमा पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ दर्ज किया है, जिसमें एक नामजद समेत दो अन्य शामिल हैं। पुलिस ने इसमें नामजद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। यह मामला दो संप्रदायों से जुड़ा होने के कारण विवाद की स्थिति भी आई, लेकिन सभ्रांत लोगों ने संभाल लिया। आरोपी पक्ष के लोगों ने घटना को फर्जी बताते हुए इसकी पृष्ठभूमि एक पुरानी रंजिश बताया है। किशोरी को महिला चिकित्सक के परामर्श के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने पुलिस को दी गई तहरीर में कहा है कि 11 जनवरी की रात करीब 12 बजे उनकी नाबालिग पुत्री कच्ची दीवार के पास गई थी और फिर उसकी चीख सुनाई दी। कहा गया है कि दीवार के ऊपर गांव का ही पंकज राठौर खड़ेे होकर उनकी पुत्री को खींच रहा था और दूर दो अन्य लोग खड़े थे। उसने उनकी पुत्री को उठाकर ऊपर से दूसरी ओर फेंक दिया। पंकज उनकी पुत्री का मुंह दबाए दुष्कर्म के प्रयास में था लेकिन उन लोगों के पहुंच जाने से वह और उसके साथी भाग गए।
पुलिस ने इस पर पंकज को नामजद करते हुए दो अज्ञात समेत तीन लोगों के खिलाफ दुष्कर्म और घर से उठाने के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपी पंकज को गिरफ्तार भी कर लिया है। बता दें कि मामला दो संप्रदायों से जुड़ा होने के कारण गांव में माहौल खराब होने की स्थिति भी आई थी लेकिन सभ्रांत लोगों ने स्थिति को संभाल लिया। इधर आरोपी पक्ष की माने जो पूरा प्रकरण फर्जी है और इसे पुरानी रंजिश और आरोपी युवक व पीड़िता के बीच चल रहे प्रेम प्रसंग के चलते अंजाम दिया गया है। पीड़ित युवक के घरवालों का कहना है कि पीड़िता के दादा ने उनके दादा दयाराम की घर से खींच कर करीब 20 साल पहले हत्या कर दी थी और इसमें उनको सजा भी हुई थी। उनके मुताबिक पीड़िता और पंकज का करीब एक साल पहले से प्रेम प्रसंग चल रहा था। जिसका फैसला भी हुआ और युवक ने अपनी राह पकड़ ली।
जिस रात की घटना बताई गई है उस रात युवक घर पर सो रहा था इसे दूसरे समुदाय के लोगों ने भी देखा। इतने लोग घर पर कांता बल्लम लेकर पहुंचे तो जान के डर से उसको छिपा दिया गया था। उनका कहना है कि कोई अकेला युवक एक लड़की को कैसे पांच फिट ऊंची दीवार से खींच कर उस पार फेंक सकता है । आरोपी पक्ष के लोगों का यह भी कहना है कि लड़की पर गलत बयान देने का दबाव बनाने के लिए उसकी पिटाई भी की गई है। पुलिस को भी सारी हकीकत बताई गई थी लेकिन पुलिस ने संप्रदायिक तनाव के डर के चलते बिना पड़ताल के ही मुकदमा दर्ज कर पंकज को हाजिर करा लिया।
एसओ, पलिया केपी सिंह ने बताया कि मुकदमा पीड़िता के पिता की तहरीर पर
दर्ज किया गया है। विवेचना की जाएगी और जो सच आएगा आगे उसी के अनुसार की
जाएगी।
पहचान का सवाल भी
मामले में एक बात ग्रामीणों के गले में हजम नहीं हो रही है कि जब आरोपी को पहचान लिया गया तो जो दो अन्य लोग खड़े थे उनकी पहचान क्यों नहीं हो पाई। जब लड़का गांव का था तो वह भी गांव के ही होंगे। यह सवाल चर्चा का विषय बना हुआ है।