11 माह पूर्व किया था पेट दर्द का इलाज
कस्बे की आशा वर्कर ने अपने को नर्स बताकर एक महिला के पेट दर्द का इलाज शुरू किया, जिससे महिला की हालत बिगड़ गई, पीड़ित महिला के पति ने कथित नर्स के खिलाफ धोखाधड़ी समेत तमाम धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है। यह वाकया लगभग 11 माह पूर्व का बताया गया है।
मोहम्मदी कोतवाली में 7 जनवरी को दर्ज कराई रिपोर्ट में ग्राम बढ़ैया थाना पसगवां के रामसेवक ने कहा है कि गत 12 फरवरी 2016 को आशा वर्कर आरती उर्फ ऊषा निवासी फरेंदा हाल पता मोहम्मदी ने अपने को नर्स बताकर उसकी पत्नी के पेट दर्द का इलाज अपने घर पर किया, इलाज करते वक्त उसकी बच्चेदानी तथा आंत जख्मी हो गई। जब उसकी हालत ज्यादा खराब हुई तब वह उसे शाहजहांपुर के एक नर्सिंग होम में इलाज के लिए ले गया, जहां से उसे मेडिकल कॉलेज लखनऊ रेफर कर दिया गया। अब उसका इलाज मेडिकल कॉलेज में हो रहा है। उसका कहना है कि वह कोतवाली गया लेकिन उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई तब वह सीओ एलडी भारती से मिला। सीओ के निर्देश पर 7 जनवरी को कथित नर्स तथा उसके पति सोनू के खिलाफ धोखाधड़ी तथा जबरन गर्भपात कराकर क्षति पहुंचाना आदि धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। मामले की विवेचना कस्बा इंचार्ज भगवती प्रसाद यादव को सौंपी गई है।