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आशा बहू और अस्पताल कर्मचारियों में मारपीट       

Tue, 01 Aug 2017 11:30 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो  निघासन। 
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सीएचसी - फोटो : अमर उजाला
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दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर लगाए आरोप, तहरीर दी       
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लैब में तोड़फोड, कागज भी फाड़े, बंद रही इमरजेंसी सेवाएं, मरीज परेशान 
आए दिन विवादों के चलते सुर्खियों में रहता है सीएचसी  

सीएचसी में आशा बहू और अस्पताल कर्मचारी में मारपीट हो गई। इससे अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर आरोप लगाते हुए थाने में तहरीर दी है। आरोप है कि आशा बहू और उसके पति ने लैब में तोड़फोड कर कागज फाड़ दिए। विवाद के कारण इमरजेंसी सेवाएं भी बाधित हो गई। मामला डीएम के संज्ञान में आने पर डीएम ने रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश दिया है।  
गांव नकटहा निवासी आशा बहू सुलोचना ने बताया कि वह मंगलवार की दोपहर करीब एक बजे सीएचसी गई थी। उनका कहना  है कि करीब दो साल पहले उन्होंने टीबी के मरीजों को दवा वितरण किया था। उसका पैसा न मिलने के कारण वह राजेश एसटीएस के पास गई और पैसा न मिलने का कारण पूछा। आरोप है कि इस बात को लेकर वह भिड़ गए। आरोप है कि लैब टैक्नीशियन अजय कुमार और राजेश ने मिलकर उसकी पिटाई कर दी। सुलोचना ने तहसील दिवस में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। उधर लैब टैक्नीशियन अजय ने बताया कि करीब एक बजे तिकुनियां के अरशद खून की जांच कराने आए थे। समय अधिक होने के कारण उनसे बुधवार को आने को कहा। इस पर वह भिड़ गए। इसी बीच आशा बहू और उनका पति रामनरेश आया और मारपीट करने लगे। बीच बचाव करने आए राजेश और एक डाक्टर को भी उन लोगों ने नहीं बख्शा। बाद में लैब में रखा सारा सामान भी तोड़ दिया और वहां पर रखे कागज आदि फाड़ दिए। उसके बाद वह लोग चले गए। आशा बहू ने राजेश, डाक्टर अनिल वर्मा और अजय के खिलाफ मारपीट की तहरीर दी है। उधर अजय ने आशा बहू सुलोचना और उसके पति रामनरेश के खिलाफ सरकारी काम में बाधा पहुंचाने, मारपीट, गाली गलौज करने समेत कई आरोप लगाते हुए तहरीर दी है।  
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डीएम से मिले डॉक्टर, जांच के आदेश  
तहसील दिवस निपटाने के बाद डीएम आकाशदीप पीब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में थे। वहां पर डॉ. अनिल वर्मा अपने स्टाफ समेत पहुंचे और सारी बातों से अवगत कराया। डीएम ने मामले की जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।  
 
परेशान रहे मरीज  
सीएचसी में विवाद होने के कारण मरीज काफी परेशान रहे। करमू पुरवा निवासी सजरूल निशा प्रसव के लिए आई थी। उसके पेट में तेज दर्द हो रहा था, लेकिन डाक्टर आदि न होने के कारण वह परेशान थी। अस्पताल में सारी सेवाएं बाधित थी।  
 
इसके पहले भी हो चुका है विवाद  
निघासन सीएचसी हमेशा सुर्खियों में रही है। इससे पहले भी तत्कालीन सीएचसी प्रभारी लालजी पासी और सीएचसी कर्मचारी के बीच विवाद हुआ था। इसके अलावा प्रसूताओं को पैसा न मिलने के कारण आशा बहुओं से भी विवाद हो चुका है।  
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मैं ओपीडी देख रहा था। मारपीट की सूचना पर लैब में गया था। वहां आशा बहू पिटाई कर रही थी। लैब में कागज आदि बिखरे हुए थे। मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। आशा बहू इसके पहले भी कई लोगों से अभद्रता कर चुकी है। अनिल वर्मा, सहायक सीएचसी प्रभारी  
 
दोनों पक्षों में मारपीट हुई है। दोनों तरफ से तहरीर मिली है। मामले की जांच के बाद रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।  
अजय यादव, एसओ  
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