- चार युवकों पर 27 जुलाई को गैंगरेप करने का है आरोप
- पीड़िता ने पत्रकारों को बताई सच्चाई तो सामने आया मामला
- निघासन पुलिस का कहना, प्रेम संबंधों का है मामला
थाना निघासन पुलिस ने गैंगरेप के मामले को नवें दिन महज अपहरण में दर्ज किया था। पीड़िता ने पिता के साथ जिला मुख्यालय आकर पूरा मामला बताया, तब सच्चाई सामने आई। आरोप है कि पीड़िता और उसके पिता पर दबाव बनाया और धमकाकर मनमाफिक बयान कराए। बयानों की वीडियो रिकार्डिंग कराई। बाद में अपहरण की तहरीर लेकर रिपोर्ट दर्ज कर ली। पुलिस अब बुधवार को बिटिया के कलमबंद बयान दर्ज कराएगी।
सब इंस्पेक्टर पद से इस्तीफा देकर साधु बने बुजुर्ग ने बताया कि वह अपनी 17 वर्षीय बेटी के साथ थाना निघासन क्षेत्र के एक गांव में रहते हैं। गांव की एक महिला उसकी पुत्री की सहेली थी। महिला अक्सर उनके यहां आती और पुत्री को प्रसाद के नाम पर मिष्ठान देती थी। 27 जुलाई की सायं पुत्री शौच के लिए गई थी, लेकिन देर सायं तक वापस नहीं लौटी। पहले उन्होंने खुद उसे ढूंढा, जब कोई पता नहीं चला तो ग्राम प्रधान से मिले और पुत्री के गायब होने की जानकारी दी। जिस पर तमाम ग्रामीणों ने गांव और खेतों में तलाश शुरू कर दी। तलाश के दौरान गांव के ही चार लोग उसकी पुत्री को साथ ले जाते दिखे। रात करीब एक बजे ग्रामीणों को देख आरोपी पुत्री को गांव के प्राथमिक स्कूल के पीछे छोड़ दिया और भाग निकले। जब वह लोग मौके पर पहुंचे तो बिटिया दर्द से कराह रही थी। पुत्री ने बताया कि उनकी सहेली ने लौज खिलाई थी, जिससे वह नशे में हो गई। डॉक्टर के यहां ले चलने की बात कहकर उसे एक घर में ले गई, जहां गांव के ही चार युवक थे। एक युवक ने उसके चेहरे पर साल डाल दी और गैंगरेप किया। सुबह वह पुत्री को लेकर थाना निघासन गए और पुलिस को जानकारी दी। आरोपियों के यादव बिरादरी के होने के कारण पुलिस कन्नी काट गई और पीड़िता को उसके पिता के साथ थाने से भगा दिया। सपा नेता भी आरोपियों के बचाव में उतर आए। पुलिस ने उसका मेडिकल परीक्षण भी नहीं कराया। वह पुत्री को लेकर नौ दिन तक थाने के चक्कर काटते रहे। पुलिस ने गले की फांस बनते देख पीड़िता और उसके पिता को डराना-धमकाना शुरू कर दिया। चार अगस्त को जबरदस्ती अपहरण की तहरीर लेकर रिपोर्ट दर्ज कर ली।
एसओ बोले, प्रेम संबंधों का है मामला
एसओ मनोज कुमार सिंह से जब पूछा गया तो उनका कहना है कि पीड़िता के गांव के ही एक युवक से प्रेम संबंध थे। वह अपनी कुछ सहेलियों की मदद से प्रेमी के साथ भागकर जा रही थी, हल्ला हो जाने पर वह नहीं जा सकी। मौके पर पहुंचे परिवार वाले उसे घर ले आए थे। लड़की के पास से एक प्रेमपत्र भी बरामद हुआ है, जो पुलिस के कब्जे में हैं। उसके बयानों की वीडियो रिकार्डिंग भी की गई है, जिसमें उसने गैंगरेप और छेड़छाड़ होने की बात से साफ इंकार किया है।
मामले में अपहरण की रिपोर्ट दर्ज हो चुकी है, लेकिन गैंगरेप के आरोप की जानकारी नहीं है। यदि पीड़ित पक्ष मामले की शिकायत करता है तो वह प्रकरण की जांच कराएंगे। गैंगरेप का मामला मिलने पर धाराएं बढ़ाई जाएंगी।
- अखिलेश चौरसिया, एसपी