झूठी आख्या देने के आरोप में कोर्ट के आदेश पर हुई कार्रवाई
पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर वर्ष 2013 में एक जमीन के मामले में झूठी आख्या देने के आरोप में एक लेखपाल समेत चार लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
बड़ा गांव अतरिया निवासी जसवीर कौर पत्नी मलकीत सिंह ने कोर्ट में दायर याचिका में कहा था कि उनके ससुर राम सिंह ने वर्ष 1988 में उनके नाम अपने खाते से करीब ढाई एकड़ जमीन का बैनामा किया था। नाम चढ़ाने के दौरान उनका निवास बड़ा गांव अतरिया की बजाए तेंदुआ पुवायां जिला शाहजहांपुर कर दिया। आरोप है कि उनके जेठ के पुत्रों की उनकी इस जमीन पर शुरुआत से ही नीयत खराब थी और उन्होंने इसी त्रुटि का फायदा उठाते हुए लेखपाल से सांठगांठ कर वर्ष 2013 में एक पत्र तहसील प्रशासन को देकर उनका यहां न रहना और जमीन को लावारिस का हवाला देते हुए उसे ग्राम सभा में दर्ज कर पटटे बनाने की मांग की। इस पर प्रशासन ने लेखपाल को जांच आख्या देने के निर्देश दिए। आरोप है कि लेखपाल ने विपक्षियों से सुविधा शुल्क को लेकर उनके यहां रहते हुए और जमीन काबिज होने के बाद भी झूठी आख्या प्रशासन को दे दी कि जसवीर कौर यहां नहीं रहती है और जमीन लावारिस है। आरोप है कि इस झूठी रिपोर्ट पर प्रशासन ने जमीन को ग्राम सभा में दर्ज कर दिया। उन्होंने इसके खिलाफ न्यायालय में अपील की तो न्यायालय ने न्याय करते हुए जमीन को वापस करा कर उनके नाम दर्ज किया। इसी को लेकर उन्होंने लेखपाल और आरोपियों पर मुकदमा दर्ज किए जाने की मांग न्यायालय से की। जिस पर न्यायालय ने मुकदमा दर्ज करने के आदेश पुलिस को दिए। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने लेखपाल सर्वेश वर्मा, नोटिस तामीलक लालाराम, विपक्षी गुरुमीत सिंह, गुरुसेवक सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दिया है।