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दोस्त ने दो साथियों के साथ मिलकर की थी कन्हैया की हत्या

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लखीमपुर खीरी।
शहर के मोहल्ला गोविंद नगर निवासी कन्हैया वाजपेई की लाठियों से पीट-पीटकर हत्या उसके ही दोस्त शैलेंद्र गुप्ता उर्फ शालू गुप्ता ने अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर की थी और शव गन्ने के खेत में छिपा दिया था। पुलिस का कहना है कि शालू को शक था कि दो महीने पहले कन्हैया ने ही अत्यधिक नशा होने पर उसकी चेन और नकदी चुरा ली थी। सच उगलवाने के लिए वह सोमवार की शाम कन्हैया को बहाने से बुलाकर अपने साथ ले गया। बाद में साथियों की मदद से पीट-पीटकर उसे मार डाला।
बतादें कि मोहल्ला गोविंद नगर निवासी कन्हैया वाजपेई सोमवार की शाम पास के ही मोहल्ला गंगोत्री नगर निवासी अपने रिश्तेदार राकेश दीक्षित के घर गया था। देर शाम करीब नौ बजे गांव सैधरी निवासी दोस्त शैलेंद्र गुप्ता उर्फ शालू गुप्ता उसे बहाने से बाइक से लेकर चला आया। उसके बाद से कन्हैया वाजपेई लापता हो गए थे। परिवार वालों ने काफी खोजबीन की, लेकिन कोई पता नहीं चला।
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मंगलवार की शाम गांव सैधरी के निकट गन्ने के खेत में कन्हैया का शव खून से लथपथ पड़ा देखा गया तो सनसनी फैल गई थी। मृतक की पत्नी की तहरीर पर शालू गुप्ता और उसके पिता पप्पू गुप्ता के खिलाफ हत्या और हत्याकर शव छुपाने की रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
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सदर कोतवाल दीपक शुक्ल ने बताया कि शालू गुप्ता और कन्हैया दोनों गहरे दोस्त था। शालू गुप्ता ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि करीब दो महीने पहले उसने कन्हैया के साथ स्मैक और शराब पी। इस दौरान उनकी सोने की चेन और रुपये गायब हो गए थे। उसे शक था कि उसकी चेन और रुपये कन्हैया ने निकाले हैं, लेकिन वह इस बात को स्वीकार नहीं कर रहा था। इसी वजह से सोमवार को कन्हैया को शराब पीने के बहाने से लेकर सैधरी गांव के बाहर पहुंचा। जहां पर उसने अपने दो अन्य साथियों के साथ उसकी पिटाई शुरू की, जिससे उसकी मौत हो गई। मौत होने के बाद शव गन्ने के खेत में छिपा दिया था। सदर कोतवाल ने बताया कि प्रकाश में आए दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
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