लखीमपुर खीरी/महेवागंज/सुंदरवल। थाना फूलबेहड़ क्षेत्र के राघवपुर टपरा गांव में हुए संजय हत्याकांड मामले में पुलिस ने मुख्य हत्यारोपी भाई का तीसरे रोज चालान कर कोर्ट में पेश किया, जहां से अदालत ने उसे जेल भेज दिया। खास बात यह कि पुत्र की हत्या में नामजद पिता ने ही बेटे को मुखाग्नि दी। अब उसे बेटे की मौत का काफी मलाल है।
सोमवार को राघवपुर टपरा गांव निवासी चिखुरी अपने बड़े बेटे रामधारी और छोटे बेटे संजय के साथ सोमवार की शाम नदी में गोंदी काटने गए थे। इस दौरान नाव को जबरन ले जाने के लिए दोनों भाइयों में विवाद हो गया था। बात बढ़ी तो पिता चिखुरी ने बड़े बेटे रामधारी का साथ दिया। आरोप था कि पिता चिखुरी ने बड़े बेटे के साथ मिलकर छोटे बेटे संजय की बगौड़ी मारकर हत्या कर दी और शव नदी में ही फेंक दिया।
पुलिस ने थाना मैलानी के नारंग गांव निवासी मृतक के साले रामाधार की तहरीर पर चिखुरी और उसके बड़े पुत्र पर बहनोई की हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। पुलिस ने हत्यारोपी पिता-पुत्र को हिरासत में लेकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद घर पहुंचे शव को देख कोहराम मच गया।
बताते हैं आरोपी पिता ने पुत्र का अंतिम संस्कार करने की इच्छा जताई, जिस पर पुलिस ने मानवता के आधार पर राहत देते हुए अंतिम संस्कार की अनुमति दी। पुलिस की मौजूदगी में बुधवार को संजय के शव का अंतिम संस्कार हुआ। इंस्पेक्टर केएन पांडेय ने बताया कि पुत्र के हत्यारोपी पिता ने अंतिम संस्कार की इच्छा जताई थी, इंसानियत के नाते उसे अनुमति दी गई। मुख्य आरोपी भाई रामधारी का बृहस्पतिवार को चालान कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उसे जेल भेज दिया। जल्द ही नामजद पिता को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।