मोहम्मदी हादसा: गांव नगरा दोहक में शोक, रो पड़े लोग
गांव के कई घरों में नहीं जले चूल्हे
मरने वालों में मां-बेटे समेत तीन एक परिवार के हैं शामिल
हादसे में मासूम समेत दो रिश्तेदारों की भी गई जान
अमर उजाला ब्यूरो
मोहम्मदी (लखीमपुर खीरी)। चोटी कटने की वारदात एक परिवार के लिए जानलेवा बन गई। घटना की सूचना मिलने पर मंगलवार की देर शाम रिश्तेदार के यहां जा रहे छह लोग हादसे का शिकार हो गए, जिसमें मां-बेटे समेत पांच लोगों की मौत हो गई। मृतकों में दो रिश्तेदार भी शामिल हैं। एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत से सभी स्तब्ध हैं। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद से गांव में कई घरों का चूल्हा नहीं जला। घायल का इलाज लखनऊ में चल रहा है, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
मोहम्मदी-शाहजहांपुर मार्ग पर धर्मपुर के पास मंगलवार की देर शाम करीब साढ़े नौ बजे बोलेरो और कंटेनर में भिड़ंत हो गई थी। टक्कर इतनी तेज हुई कि दोनों वाहनों के परखच्चे उड़ गए थे। हादसे के बाद चालक कंटेनर मौके पर छोड़कर भाग निकला था। हादसे में बोलेरो सवार थाना पसगवां के गांव नगरा दोहक निवासी 20 वर्षीय विपिन कुमार यादव, उसकी 40 वर्षीय मां विजय कुमारी, चाचा 35 वर्षीय दिनेश कुमार, मृतक विपिन का साला मोहम्मदी के गांव चंदनपुर निवासी 18 वर्षीय मुनीस उर्फ मोनू और शाहजहांपुर के गांव रैना निवासी चार वर्षीय भांजी शिवानी की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि मौसा अतुल उर्फ पीलू गंभीर रूप से घायल हो गए थे। गांव नगरा दोहक निवासी वीरपाल यादव ने बताया कि उनकी ससुराल थाना मैगलगंज के गांव निजामपुर में है। मंगलवार की शाम करीब चार बजे उनकी सलहज की चोटी कट गई थी। इसकी सूचना जब मिली तो पत्नी विजयकुमारी अपने पुत्र विपिन आदि के साथ निजी बोलेरो के लिए निकल गईं। गाड़ी उनका छोटा भाई दिनेश चला रहा था। धर्मपुर के पास हादसे में पुत्र-पत्नी, भाई और दो रिश्तेदारों की जान चली गई। हादसे के बाद से मृतकों के घर के अलावा गांव के कई घरों में चूल्हा तक नहीं जला है। पूरे गांव में सन्नाटा पसरा है। पुलिस ने मृतक दिनेश के भाई महेंद्र की तहरीर पर अज्ञात कंटेनर चालक के खिलाफ धारा 279ए 338ए 304 ए और 427 आदि धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर कंटेनर को कब्जे में ले लिया है।
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15 मिनट में ही बुझ गया कुल का दीपक
मृतक विपिन कुमार इकलौता पुत्र था। वह इंटरमीडिएट का छात्र था। उसकी तीन बहने हैं। दो बहने विवाहित हैं। वह अपनी बोलेरो से मां, चाचा और तीन रिश्तेदारों के साथ अपनी मामी को देखने निजामपुर जाने के लिए मंगलवार की शाम करीब 9.15 बजे घर से निकले थे। 9.30 बजे हादसा हो गया। 15 मिनट में ही उसकी पत्नी, इकलौते पुत्र की मौत होने से उसके कुल का दीपक हमेशा के लिए बुझ गया। बुढ़ापे का सहारा भी कुदरत ने छीन लिया।
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भाई और पति की मौत से बेसुध है प्रीती
गांव नगरा दोहक निवासी वीरपाल संपन्न किसान हैं। उनके पास करीब 50 बीघा जमीन है। विपिन की शादी चार मई को गांव चंदनपुर निवासी प्रीती के साथ हुई थी। हादसे का शिकार हुई बोलेरो तिलकोत्सव में विपिन को मिली थी। अभी उसके हाथ की मेहंदी पूरी तरह से छूट नहीं पाई थी कि हादसे ने प्रीती का जीवन साथी छीन लिया। साथ ही बोलेरो में सवार भाई को भी कुदरत ने छीन लिया। पति और भाई की मौत से प्रीती का रो-रोकर बुरा हाल है। जब उसे हादसे की जानकारी हुई तो वह बेसुध हो गई। अब जिंदगी उसे किस मोड़ पर ले जाएगी? यह सोचकर वह बेबस है।
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बोलेरो में रखे 25 हजार रुपये पर किया हाथ साफ
गांव नगरा दोहक निवासी वीरपाल ने बताया कि जब परिवार के लोग घर से रिश्तेदारों के साथ निकले तो उस समय गाड़ी में अंदर डेस्क बोर्ड की डिग्गी में 25 हजार रुपये रख दिए थे। हादसे की सूचना पर जिस समय वह लोग मौके पर पहुंचे, उस समय पुलिस लोगों की मदद से बोलेरो में फंसे सभी लोगों को बाहर निकाल रही थी। इसी बीच किसी ने डेस्क बोर्ड में रखे 25 हजार रुपये चोरी कर लिए। उनकी मृतक पत्नी विजय कुमारी के एक कान का कुंडल गाड़ी में गिर गया था, जिसे पुलिस ने बरामद कर अपने पास रखा है, लेकिन लेकिन रुपयों का कोई अता-पता नहीं चला है।
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हादसे के दूसरे दिन चेकिंग अभियान चलाया
भीषण हादसे के बाद मोहम्मदी कोतवाली पुलिस ने कंटेनरों की स्पीड पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। बुधवार को प्रभारी कोतवाल डीके सिंह ने शाहजहांपुर-मोहम्मदी मार्ग पर कंटेनरों की चेकिंग की और हाईस्पीड पकड़े जाने पर चालकों को कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
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भैया छोड़कर चले गए, अब किसको बांधूंगी राखी
जंगबहादुरगंज। वीरपाल के एक पुत्र विपिन के अलावा तीन पुत्रियां है। जिसमें बड़ी पुत्री प्रियंका की शादी रैना थाना तिलहर जिला शाहजहांपुर में हुई थी। वह अपनी पुत्री चार वर्षीय पुत्री शिवानी के साथ रक्षाबंधन पर अपने मायके आई थी। हादसे में शिवानी की भी मौत हो गई। दूसरी बहन छोटा रौना शाहजहांपुर में ब्याही है, जबकि तीसरी बहन शानू अविवाहित है। हादसे के बाद तीनों बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बिलखते हुए बहनें कह रहीं थी कि कल ही उन्होंने अपने भाई के हाथ में रक्षा सूत्र बांधा था और अगले दिन ही भगवान ने भाई और मां को उनके बीच से उठा लिया। अब वह किसकों राखी बांधेगी।
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बहनोई-साले आपस में थे गहरे दोस्त
मोहम्मदी। विपिन और मुनीष यूं तो रिश्ते में बहनोई और साले थे, लेकिन दोनों आपस में दोस्त थे और एक ही कॉलेज में सहपाठी थे। मोहम्मदी कस्बे के श्रीकृष्णा इंटर कॉलेज में विपिन कक्षा 12 और मुनीष कक्षा 11 का छात्र था। दोनों की एक साथ मौत की खबर पर स्कूल के बच्चे और अध्यापक दुखी थे। प्रधानाचार्य केके दीक्षित ने बताया कि दोनों छात्र विनम्र स्वभाव और परिश्रमी थे। उनकी मौत पर स्कूल में शोकसभा आयोजित कर अध्ययन कार्य स्थगित रखा गया।
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हादसे से तीन परिवारों की छीन ली खुशियां
कंटेनर-बोलेरो के बीच हुई भीषण भिड़ंत ने तीन परिवारों की खुशियां छीन ली। वीरपाल के घर पर जहां मां-बेटे और भाई की मौत से कोहराम मचा हुआ है। वहीं रिश्तेदार मुनीस के गांव चंदनपुर और शाहजहांपुर के थाना तिलहर के गांव रैना निवासी भांजी शिवानी की मौत से दोनों के घरों पर की खुशियां काफूर हो गई हैं।