पुलिस की लापरवाही से कस्बे में चोरियों का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा। बुधवार की रात चोरों ने एतिहासिक मेेंढक मंदिर का दरवाजा तोड़ दिया और दानपात्र उठा लाए। दानपात्र को तोड़कर उसमें रखा हजारों रुपये का चढ़ावा निकाल ले गए। घटना की तहरीर पुलिस को दी गई है, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। मंदिर में चोरी की लगातार हो रहीं वारदातों से लोगों में दहशत है।
गांव मोतीपुर निवासी शांती कुमार तिवारी मेंढक मंदिर में पुजारी हैं। पुजारी ने बताया कि बुधवार की शाम साढ़े छह बजे मंदिर बंद कर वह गांव चले गए थे। रात में किसी समय चोरों ने मंदिर के दरवाजे के ताले तोड़ दिए और भीतर घुस आए। चोरों ने वहां रखा लकड़ी का बड़ा बक्सा भी तोड़ दिया। उसमें रखे मां पार्वती के कपड़े आदि सामान बिखेर दिया। सुबह जब वह मंदिर पहुंचे तो चैनल और लकड़ी का दरवाजा टूटा देखा। अंदर जाकर देखा तो बक्से का सामान बिखरा पड़ा था। मंदिर में रखा लोहे का दानपात्र गायब था। चोरी की जानकारी होने पर कस्बे के लोग भी बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। तलाश के दौरान दानपात्र मंदिर परिसर में ही टूटा पड़ा बरामद हुआ।
पुजारी ने बताया कि दानपात्र में करीब 10 हजार रुपये का चढ़ावा हो सकता है। सूचना पर चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटना स्थल का निरीक्षण किया। पुजारी ने मामले की तहरीर पुलिस को दी है, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की है। एसओ शमशेर बहादुर सिंह ने बताया कि तहरीर मिली है। मामले की जांच कराई जा रही है। जांच के बाद रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
घटना के बाद से कस्बावासियों में रोष
नगर में लगातार हो रहीं चोरी की वारदातों से कसबा वासियों में रोष है। लोगों का कहना है कि पुलिस रात में गश्त नहीं करती है। महीने भर में हो चुकीं आठ घटनाओं में से किसी भी घटना का खुलासा भी अब तक नहीं कर सकी है। पुलिस की लापरवाही से ही चोर बेखौफ हैं और लगातार घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। पुलिस यदि ईमानदारी के साथ गश्त करे तो घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकता है।