- मोहल्ला माहीगिरान का मामला, घर पर देखने वालों की लगी भीड़
- चली गई थी यादाश्त, सबको पहचाना, घरवालों में खुशी
21 साल पहले लापता हुआ एक व्यक्ति जब घर पहुंचा तो घरवालों में खुशी का ठिकाना न रहा। जिसने सुना वह भी दौड़ा चला आया और लोगों का तांता लग गया। बताया गया है कि उन पर कुछ लोगों ने हमला किया था, जिसके बाद उन्होंने पानी में कूद कर अपनी जान बचाई थी और फिर इसके बाद वह याददाश्त खो बैठे थे। फिलहाल घर पर खुशी का माहौल है।
मोहल्ला माहीगिरान निवासी मैकू के पुत्र इसरार करीब 21 साल पहले घर से रणा स्थित अपनी पट्टे की जमीन की रखवाली करने गए थे और यहां से लापता हो गए। घरवाले उनकी तलाश करते रहे, लेकिन उनका कोई पता नहीं चला। बच्चे छोटे थे और नियति मान कर सब खामोश हो गए और तलाश खत्म कर दी। करीब 21 साल बाद 14 जनवरी को यहां के मोहल्ले के कुछ लोगों ने लखनऊ में उनको देखा तो वह भौचक्के रह गए और पूछताछ करने लगे। उनको पता चल गया कि वही इसरार है, जो 21 साल पहले लापता हुए थे। उन्होंने उनके पुत्र मोहम्मद इमरान को फोन किया और पूरी बात बताई। फिर क्या था पुत्र समेत कुनबे के कई लोग लखनऊ पहुंच गए और उनको पलिया ले आए। इसरार के मुताबिक करीब 21 साल पहले जब वह रणा स्थित खेत पर बनी मचान पर रखवाली कर रहे थे, उस दौरान उन पर कुछ लोगों ने बांके से जानलेवा हमला किया और वह जान बचाने के लिए पानी में कूद गए थे। उनके मुताबिक कुछ मल्लाहों ने उनको बचाया था, फिर उनकी याददाश्त चली गई। उनका इलाज हुआ और करीब सात साल जयपुर और अजमेर रहे और फुटपाथ पर अपनी जिंदगी बसर की। इसके बाद वह लखनऊ पहुंचे और 14 साल से लखनऊ रह रहे थे। उनके चारों बेटे और दो बेटियों और पत्नी काफी खुश हैं और उनके घर पर लोगों का तांता लगा हुआ है। घरवालों ने आतिशबाजी कर खुशी का इजहार किया।