लखीमपुर खीरी। खीरी थाना की रिपोर्टिंग ओयल चौकी क्षेत्र के गांव मोतीपुर गांव में पुलिस की दबिश और प्रताड़ना से तंग आकर 25 वर्षीय रमाकांत मौर्य ने बुधवार को अपरान्ह तीन बजे घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। मामले की जानकारी मिलते ही ओयल चौकी पुलिस ने घर जाकर शव को अपने कब्जे में लेकर मोर्चरी भिजवा दिया। इसके बाद मृतका के परिवार वालों सहित ग्रामीणों ने चौकी को घेरकर प्रदर्शन किया। इस दौरान सीतापुर मार्ग पर जाम लगा दिया, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना पाकर एसडीएम सदर, सीओ धौरहरा, सदर कोतवाल समेत कई थानों का फोर्स मौके पर पहुुंचा। मृतक की पत्नी समेत ग्रामीणों ने घर आकर दबिश डालने वाले दरोगा और सिपाहियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग पर अड़ गए। करीब तीन घंटे तक चले हाईवोल्टेज प्रदर्शन के बाद एसडीएम सदर और सीओ धौरहरा द्वारा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने पर लोगों ने जाम खोला।
यह मामला मुराउनटोला निवासी 20 वर्षीय कुलदीप रैदास हत्याकांड से जुड़ा बताया जा रहा है। हालांकि खुदकुशी करने वाला रमाकांत इस मुकदमे में नामजद नहीं था। फिर भी पुलिस ने मंगलवार की रात से बुधवार तक उसे पकड़ने के लिए कई बार घर पर दबिश दी थी। आरोप है कि दबिश डालने के दौरान पुलिस वालों ने घर पर अभद्रता करते हुए काफी डराया धमकाया था। आरोप यह भी है कि पुलिस ने मुकदमे से बचाने के लिए 80 हजार रुपये की डिमांड की थी। इससे परेशान होकर रमाकांत मौर्य ने बुधवार को घर में फांसी लगाकर जान दे दी। मृतक पेशे से मजदूर था, जो अपने पीछे गर्भवती पत्नी बबली और दो बच्चे छोड़ गया है। फांसी लगाने की सूचना मिलते ही पुलिस में हड़कंप मच गया। मौके पर जाकर आननफानन में पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मोर्चरी भेज दिया। इसके बाद पीड़ित परिवार वालों और आक्रोशित ग्रामीणों ने ओयल चौकी का घेराव कर प्रदर्शन किया, जिससे हाईवे तीन घंटे तक जाम रहा। देरशाम तक एसडीएम सदर नागेंद्र सिंह, सीओ धौरहरा निष्ठा उपाध्याय चौकी में डेरा डाले रहे। तो मुकदमा दर्ज कराने के लिए पीड़ित परिवार और ग्रामीण भी चौकी को घेरे रहे।
यह था मर्डर का मामला
मुराउनटोला निवासी 20 वर्षीय कुलदीप रैदास की कुछ दिन पहले हत्या कर दी गई थी, जिसका शव मंगलवार की शाम को सीतापुर जिले के थाना हरगांव क्षेत्र के गांव राही के पास नहर से बरामद हुआ था। इस मामले में खीरी थाना पुलिस ने मुराउनटोला निवासी मंगू का हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया था, जिसने नशे में हत्या किए जाने की बात कबूल की थी।
रमाकांत का किसने लिया नाम
मामला तूल पकड़ते ही पुलिस प्रशासन मामले के डैमेज कंट्रोल में जुट गया है। पीड़ित परिवार वालों के मुताबिक रमाकांत का इस केस से कोई वास्ता नहीं था। कुलदीप हत्याकांड के आरोपी मंगू ने स्वयं हत्या किए जाने की बात कबूल करते हुए रमाकांत का जिक्र नहीं किया था। बावजूद इसके पुलिस उसके घर तीन दिनों से लगातार दबिश दे रही थी। खीरी थाना के प्रभारी एसओ कृपेंद्र सिंह ने बताया है कि कुलदीप हत्याकांड के वादी पिता ने रमाकांत को कुलदीप के साथ देखे जाने की बात बताई थी, जिससे पूछताछ के लिए रमाकांत को बुलाने के लिए पुलिस उसके घर गई थी। उन्होंने 80 हजार रुपये मांगे जाने के आरोप को निराधार बताया है।
तहरीर में चौकी इंचार्ज समेत चार सिपाही नामजद
मृतक रमाकांत की पत्नी बबली ने एसपी को संबोधित तहरीर दी है, जिसमें चौकी इंचार्ज धर्मेंद्र कुमार, सिपाही विवेक सिंह, केशव कुमार, खगेश्वर वर्मा और सुरेश यादव को नामजद किया है। इनके खिलाफ दबिश देकर धमकाने और 80 हजार रुपये मांगने का आरोप लगाया है।