दूसरे के खाते से पैसा निकालते दो जालसाज पकड़े
लखीमपुर खीरी/निघासन। इलाहाबाद बैंक में दूसरे के खाते से पैसा निकालने वाले दो जालसाजों को बैंक मैनेजर ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। एक जालसाज और उसका साथी एक ही नाम का फायदा उठाकर तीन बार में तीस हजार रुपये बैंक से निकाल चुके थे। कैशियर ने अपनी गलती मानते हुए पीड़ित खाता धारक के खाते में निकाली गई धनराशि जमा कर दी थी। उस जालसाज की कई महीने से तलाश थी।
इलाहाबाद बैंक के मैनेजर दीपांशू श्रीवास्तव ने बताया कि महराज नगर के रामचंद्र नाम के दो व्यक्तियों के बैंक में खाते हैं। करीब तीन माह पहले एक व्यक्ति बैंक में अन्य साथी के साथ आया और महराज नगर निवासी रामचंद्र के खाते से पैसा निकासी का फार्म भरा। पास बुक न होने के कारण बैंक मैनेजर ने उसे प्रमाणित करने को कहा। जालसाज व्यक्ति के साथी ने बिनौरा निवासी रामू से निकासी फार्म को प्रमाणित कराया। उसके बाद एक बार में दस हजार रुपये निकाल लिए गए। जालसाज और उसके साथी ने मिलकर इसी तरह से तीन बार में 30 हजार रुपये निकाल लिए। जब असल खाता धारक रामचंद्र आया और उसने अपने खाते से रुपये निकले देखे तो वह परेशान हो गया। उसने पैसा न निकालने की बात कही। बैंक मैनेजर ने निकासी बाउचर निकालकर उसका मिलान किया तो उसका अंगूठा नहीं मिला।
बैंक कैशियर अनिल ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए उसके खाते में 30 हजार रुपये डाल दिए। बुधवार को एक बार फिर महराज नगर का रहने वाला व्यक्ति बिनौरा के एक जालसाज के साथ आया और 8500 रुपये का विड्राल फार्म भरकर पैसा निकालने के लिए मैनेजर के पास गया। मैनेजर ने उसे रंगे हाथ पकड़ते हुए पुलिस के हवाले कर दिया।
एसओ ने बताया कि बिनौरा निवासी गुफरान और महराज नगर निवासी फर्जी खाताधारक बनकर आए रामचंद्र को हिरासत में लिया गया है।