अगर आप सड़क पर कहीं जा रहे हैं या फिर आपके घर पर कोई खाकी वर्दी वाला दस्तक देता है तो सावधान हो जाएं, वह खाकी की वर्दी में छुपा कोई लुटेरा भी हो सकता है। राजकीय इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य डॉ. शालिनी दूबे के साथ हुई इस घटना के बाद तो अब यही लग रहा है कि लुटेरों ने अब खाकी वर्दी का सहारा लेना शुरू कर दिया है।
लालपुर स्टेडियम जा रहीं जीजीआईसी की प्रधानाचार्य डॉ. शालिनी दूबे और शिक्षिका शशी तिवारी को बाइक सवार पुलिस की वर्दी पहने दो युवकों ने गोला रोड पर रोक लिया। पुलिस की वर्दी में इन बदमाशों की बातचीत का तरीका पुलिस वालों की तरह ही था। जिस पर प्रधानाचार्य ने विश्वास कर लिया। खाकी वर्दी में छुपे दोनों लुटेरों ने प्रधानाचार्य से चेन और अंगूठी को बैग में रखने की पहले नसीहत दी। फिर बैग की तलाशी लेेने लगे। इस दौरान दोनों निकाली गई चेन और अंगूठी लेकर फरार हो गए। लूट के इस नायब तरीके की जीजीआईसी की प्रधानाचार्य पहली शिकार बनी हैं।
घर में रहने वाली महिलाएं भी रहें अलर्ट
खाकी वर्दी पहनकर घूम रहे लुटेरे घरों को भी निशाना बना सकते हैं। इसलिए घर में रहने वाली महिलाएं भी सावधान रहें। यदि घर पर कोई पुलिस की वर्दी पहनकर आने वाला व्यक्ति दरवाजा खटखटाता है तो अलर्ट हो जाएं और उसकी सूचना आसपास के लोगों को दें। जब यह साफ हो जाए कि वह वास्तविक पुलिस है तभी दरवाजा खोलें।