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जांच को पहुंचे सचिव से अभद्रता, बिचौलिए ने सेलफोन छीना

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खमरिया। बिचौलियों से साठगांठ कर टोकन बिक्री करने की शिकायत की जांच करने गोविंद शुगर मिल ऐरा के गन्ना यार्ड में पहुंची टीम के साथ एक बिचौलिए ने अभद्रता कर दी। टीम में शामिल गन्ना समिति के सचिव का मोबाइल छीन लिया। इससे किसान आक्रोशित हो उठे। हालात बेकाबू होते देख पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने उग्र किसानों को किसी तरह से समझा बुझाकर शांत कराया।
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गोविंद शुगर मिल के गन्ना यार्ड में अव्यवस्थाओं का बोलबाला है। किसान एक-एक बूंद पीने के पानी को तरस रहा है। आलम यह है कि गन्ना लेकर पहुंचे किसानों के वाहनों की तौल 25 से 30 घंटे में हो पा रही है। बैलगाड़ी से आए किसानों के पशु तपती धूप में भूखेे-प्यास बंधे रहते हैं। किसानों का आरोप है कि बिचौलियों और मिल प्रबंधन की साठगांठ से दूसरे मिल क्षेत्रों से गन्ना आने लगा है। जिन्हें मिल अधिकारी बिचौलियों के माध्यम से सीधे टोकन बेचकर गन्ना खरीद रहे हैं। शुक्रवार की देर शाम एक किसान ने टोकन खरीद कर जिला गन्ना अधिकारी बृजेश पटेल को भेजा था। इस टोकन की ट्रॉली यार्ड में मौजूद तक नहीं थी। इस शिकायत को जिला गन्ना अधिकारी ने गंभीरता से लिया। उन्होंने गन्ना समिति ऐरा के सचिव सुधीर कुमार, जेष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक मार्कंडेय मौर्या को तत्काल मिल यार्ड भेजा और मामले की जांच करने के निर्देश दिए। इस पर टीम गन्ना यार्ड पहुंची। टीम आने की भनक लगते ही आननफानन में मिल अधिकारी भी यार्ड में आ धमके। किसानों ने जांच टीम को बताया कि यार्ड सुरक्षाकर्मी भी बहती गंगा में हाथ धोने से पीछे नहीं हैं। लाइनों में खड़े वाहनों को टोकन देने के बजाय यही टोकन बिचौलियों और इधर उधर के लोगों को 200 से 300 रुपये के मूल्य पर बेचे जा रहे हैं। आम किसान को यार्ड में 25 से 30 घंटे खड़े रहना पड़ता है। भैंसा और बैलगाड़ी लेकर आए किसानों को काफी दिक्कतें होती हैं। चारा धूप में सूख जाता है। जानवरों को भी भूख प्यास से जूझना पड़ता है। किसानों की भीड़ में कुछ बिचौलिया भी शामिल हो गए। नोकझोंक के दौरान एक बिचौलिए ने अभद्रता करते हुए सचिव सुधीर कुमार का मोबाइल छीन लिया। हालात बिगड़ते देख मामले की सूचना पुलिस को दी गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसानों को किसी तरह शांत कराया। चीनी मिल के इकाई प्रमुख आलोक सक्सेना ने बताया कि जांच में शिकायत सही मिलने पर मिल प्रबंधन ने दो सुरक्षा गार्डों और यार्ड सुपरवाइजर को सेवा से हटा दिया है।

जांच में आरोपी सही मिले हैं। गंभीरता से कार्रवाई की जा रही है। मिल अधिकारियों ने तीन सिक्योरिटी गार्ड और यार्ड सुपरवाइजर को बर्खास्त कर दिया है। सचिव से अभद्रता करने वाले किसान का सट्टा बंद कर भुगतान भी रोक दिया गया है।
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बृजेश पटेल जिला गन्नाधिकारी लखीमपुर खीरी।

लगातार तीन दिन से जांच की जा रही थी। अभी तक सिर्फ यार्ड में दो टोकन मशीन ही मिलती थी। तीसरी टोकन मशीन भी सामने आई। इससे मिल प्रबंधन की संलिप्तता सिद्ध हो गई है।
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सुधीर कुमार सचिन गन्ना समिति ऐरा
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