धनगढ़ी (नेपाल)। नेपाल में बंद डॉक्टरों और फार्मासिस्ट की मुश्किलें बढ़ गई हैं। वजह है जांच पूरी न होने के कारण तीनों की हिरासत अवधि तीन दिन और बढ़ा दी गई है। अब तीनों को 27 फरवरी को नेपाल कि सीडीओ यानी मुख्य जिलाधिकारी के सामने पेश किया जाएगा। यह जानकारी नेपाल पुलिस के प्रवक्ता गोपेंद्र खड़का ने दी। साथ ही उन्होंने खुलासा करते हुए बताया कि हिरासत में लिए गए दोनों डॉक्टर और फार्मासिस्ट भारत के लखीमपुर खीरी जिले की सीएचसी बांकेगंज में तैनाती है।
जिले के दो डॉक्टर और एक फार्मासिस्ट नेपाल के डांस बार में झगड़ा करने व बाजार में बैटरी रिक्शा चालक हेमखत्री के साथ विवाद करने और हंगामा करने के आरोप में 17 फरवरी से नेपाल पुलिस की हिरासत में हैं। नेपाल पुलिस द्वारा कस्टडी में लेकर चारों को सीडीओ (मुख्य जिलाधिकारी) के सामने 18 फरवरी को पेश किया था। सीडीओ ने गिरफ्तारी तिथि से सात दिन की हिरासत के लिए भेज दिया था। रविवार को नेपाल पुलिस ने सीडीओ दफ्तर में पक्ष रखा कि मामले की जांच पूरी नहीं हो सकी है, इसलिए हिरासत अवधि बढ़ी दी जाए। इस पर प्रभारी सीडीओ ने तीन दिन की हिरासत अवधि और बढ़ा दी है। नेपाल जिला कैलाली पुलिस के प्रवक्ता ने मामले में पहली बार हिरासत में लिए गए आरोपियों का खुलासा किया। उन्होंने अमर उजाला को बताया कि 17 फरवरी को पकड़े गए लोगों में भारत के लखीमपुर खीरी के बांकेगंज सीएचसी के अधीक्षक डॉ. सुशील कुमार, मेडिकल ऑफीसर डॉ. सावंत राव स्वामी और संविदा फार्मासिस्ट धर्मवीर हैं। बकौल प्रवक्ता, मामले की जांच अभी पूरी नहीं हुई है, इसलिए हिरासत में लिए गए लोगों को रविवार को पेश नहीं किया गया। मामले में प्रभारी सीडीओ ने डॉक्टरों और फार्मासिस्ट की हिरासत अवधि तीन दिन यानी 26 फरवरी तक के लिए बढ़ा दी है। अब आरोपी 27 फरवरी को सीडीओ के समक्ष पेश किए जाएंगे।
अमर उजाला ने पहले ही बता दिया था
नेपाल में हिरासत में लिए गए दोनों डॉक्टर और फार्मासिस्ट कौन हैं। इसका खुलासा नेपाल की पुलिस ने नहीं किया था। कैलाली के डीएसपी हरीवली ने सात दिन बाद आरोपियों के नाम उजागर करने की बात कही थी। वहीं एसीएमओ डॉ. रविंद्र नाथ के औचक निरीक्षण में सीएचसी के दो डॉक्टर और फार्मासिस्ट सोमवार से अनुपस्थित मिले थे, जिस पर अमर उजाला ने 22 फरवरी के अंक में ही एसीएमओ की जांच में बांकेगंज के डॉक्टर-स्टाफ फंसे शीर्षक से खबर प्रकाशित कर इसे पहले ही बता दिया था।
सीएमओ बोले, अभी उन्हें कोई अधिकृत जानकारी नहीं
सीएमओ डॉ. मनोज अग्रवाल का कहना है कि नेपाल में हिरासत में लिए गए डॉक्टर और फार्मासिस्ट कौन हैं, इस बाबत उन्हें कोई अधिकृत जानकारी नहीं है। साथ ही वह कहते हैं कि लगातार अनुपस्थित स्टाफ में बांकेगंज के दो डॉक्टर और संविदा फार्मासिस्ट हैं, इसलिए उनका संदेह इन्हीं लोगों पर है। अधिकारिक जानकारी मिलते ही संबंधित पर कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।