मोहम्मदी (लखीमपुर खीरी)। शाहजहांपुर मार्ग पर भीषण हादसे में मारे गए गांव नगरा दोहक निवासी पांच लोगों में से एक मासूम समेत चार शव पोस्टमार्टम के बाद जब गांव पहुंचे तो शवों को देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। बृहस्पतिवार को मासूम समेत चार अर्थियां एक घर की देहरी से निकली तो लोग दहल उठे। गमगीन माहौल में चारों शवों की अंत्येष्टि कर दी गई जबकि हादसे में मारे गए पांचवें मुनीष का अंतिम संस्कार उसके गांव चंदनापुर में किया गया।
बता दें कि मंगलवार की शाम मोहम्मदी-शाहजहांपुर मार्ग पर कंटेनर और बोलेरो की आमने-सामने भीषण टक्कर हो गई थी। हादसे में थाना पसगवां के गांव नगरा दोहक निवासी वीरपाल यादव की पत्नी विजय कुमारी, उसके पुत्र विपिन कुमार, चचेरा भाई दिनेश कुमार, नातिन शिवानी और विपिन का साला चंदनापुर निवासी मुनीष की मौत हो गई थी, जबकि एक रिश्तेदार अतुल घायल हो गए थे। जिसका को लखनऊ में इलाज चल रहा है। बुधवार की देर रात पोस्टमार्टम के बाद जब चारों शव गांव पहुंचे तो घर में कोहराम मच गया। परिवार वालों के करुण क्रंदन से वह मौजूद लोग भी अपने आंसू नहीं रोक पाए। शवों को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। आसपास की महिलाएं और पुरुष बिलख रहे परिवारवालों को सांत्वना दे रहे थे। बृहस्पतिवार की सुबह विपिन, विजय कुमारी, दिनेश कुमार और बच्ची शिवानी की अर्थियां एक साथ घर की दहलीज से उठीं तो वहां मौजूद हरेक व्यक्ति की आंखें नम हो गई। गांव की श्मशान भूमि पर वीरपाल ने अपनी पत्नी विजय कुमारी और इकलौते पुत्र विपिन को मुखाग्नि दी, जबकि शिवानी को वहीं पास में दफनाया गया। चचेरे भाई दिनेश को उसके बड़े भाई महेंद्र ने मुखाग्नि दी। विपिन के साले मुनीष का अंतिम संस्कार उसके पैतृक गांव चंदनापुर में हुआ। मुखाग्नि उसके पिता खुशीराम ने दी। एक ही परिवार के चार लोगों की मौत से गांव वाले खासे आहत थे। परिवार को सांत्वना देने पहुंचने वालों में जिला पंचायत सदस्य मुनव्वर अली चंदू समेत कई लोग मौजूद रहे।