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हुक्के के धुएं में घुट रही नाबालिगों की जिंदगी

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लखीमपुर खीरी। नियम कायदे ताक पर रखकर शहर में धड़ल्ले से चल रहे हुक्का बार नाबालिगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं। कच्ची उम्र में उनको नशे का आदी बना रहे हैं। हुक्के के धुएं में इन नाबालिगों की जिंदगी घुटती जा रही है। इसका ताजा उदाहरण शनिवार को देखने को मिला जब रोडवेज बस स्टेंड पर अनाधिकृत रूप से चल रहे हुक्का बार से नाबालिग हुक्का पीते पकड़े गए। इनमें अधिकतर हाईस्कूल के छात्र थे।
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रोडवेज चौकी प्रभारी दीपक कुमार राय ने शनिवार की शाम रोडवेज बस स्टेशन के पास एक होटल के पीछे पिज्जा की दुकान में छापा मारा था। पुलिस ने छापे के दौरान 12 नाबालिग छात्रों को हुक्का पीते पकड़ा। पुलिस ने मौके से मैनेजर सचिन वर्मा को हिरासत में लेकर पड़ताल की तो पिज्जा के लिए फैवुलास फूड सर्विस का तो लाइसेंस था, लेकिन हुक्का बार बिना लाइसेंस के कई सालों से चल रहा था। यह एक उदाहरण है, शहर में और भी हुक्का बार संचालित है जो नाबालिगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं। उनकी रगों में नशा पहुंचा रहे हैं। जो छात्र पकड़े गए थे उनमें अधिकतर कक्षा नौ और दस के छात्र थे। पुलिस ने तीन हुक्का बरामद किए। मैनेजर को गिरफ्तार किया लेकिन हिदायत देकर छोड़ दिया। प्रभारी निरीक्षक फतेह सिंह ने बताया कि चौकी इंचार्ज दीपक कुमार राय की तहरीर पर हुक्का बार के मैनेजर सचिन वर्मा, मालिक हरद्वारी लाल वर्मा और आनंद वर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

लड़कियों में भी बढ़ रहा हुक्का का शौक
हुक्का बार के आसपास के लोगों और पकड़े गए छात्रों ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि हुक्का बार में 15 से लेकर 20-22 साल तक की लड़कियां भी हुक्का पीने आती हैं। हालांकि पुलिस ने शनिवार को जब छापामारी की तब उस समय लड़कियां नहीं मिली। हुक्का बार मैनेजर ने लड़कियों के हुक्का बार में आने की बात स्वीकारी। पुलिस ने इन युवाओं की काउंसलिंग की। समझाया कि नशे से उनकी जिंदगी बर्बाद हो जाएगी।
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दो सौ रुपये में पिला रहा था हुक्का
हुक्का पीते पकड़े गए छात्र अच्छे परिवार से ताल्लुकात रखते हैं। किसी के पिता बड़े व्यापारी हैं तो किसी के विभिन्न विभागों में अच्छे पदों पर बरेली, मेरठ, लखनऊ, मुरादाबाद आदि स्थानों पर कार्यरत हैं। छात्रों ने बताया कि हुक्का बार मैनेजर एक हुक्का पीने के लिए उनसे दो-दो सौ रुपये लेता था। वह लोग घर वालों से कोचिंग आदि के बहाने घर लेकर हुक्का पीने के लिए आते थे।

मैनेजर कोतवाली पहुंचा नहीं और घनघनाने लगा इंस्पेक्टर का फोन
शनिवार को पुलिस हुक्का बार में छापा मारने के बाद वहां मिले छात्रों और मैनेजर को पकड़कर कोतवाली आ भी नहीं पाई थी। इससे पहले ही प्रभारी निरीक्षक के सीयूजी नंबर पर मैनेजर को छोड़ने की सिफारिश आने लगी। कुछ ही देर बाद सत्तापक्ष के कुछ नेता भी आ गए।


बार में छोटे-छोटे बच्चों के हुक्का पीने का मामला सामने आया है, जो काफी चिंतनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है। सभी हुक्का बारों की रैंडम चेकिंग कराई जाएगी। अगर बच्चे हुक्का पीते मिले तो संबंधित बार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। हुक्का बारों का पता लगाया जा रहा है, जिनका लाइसेंस नहीं होगा। उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराकर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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- पूनम, पुलिस अधीक्षक
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