पुलिस से हाथापाई कर वारंटी के भाई को छुड़ाया
नाराज महिलाओं ने चौकी बेलरायां पुलिस को घेरा
पुलिस ने हाथापाई किये जाने से इनकार किया
अमर उजाला ब्यूरो
बेलरायां। वारंटी के स्थान पर उसके भाई को पकड़ने से नाराज कुछ महिलाओं ने बेलरायां चौकी पुलिस के दो सिपाहियों को घेर लिया और हाथापाई कर उसे छुड़ा लिया। महिलाओं का आरोप है कि पकड़े गए युवक का दोष पूछने पर पुलिस ने उनके साथ अभद्रता और घर में तोड़फोड़ की।
सोमवार की शाम बेलरायां चौकी पुलिस गांव तकिया पुरवा निवासी वारंटी घनश्याम को पकड़ने गई थी। उसके खिलाफ वन अधिनियम के तहत मामला दर्ज है। पुलिस ने जब उसके घर पर छापा मारा तो घनश्याम नहीं मिला। वहां मौजूद उसके भाई दिलीप को सिपाहियों ने पकड़ लिया और उसे बाइक पर बिठाने लगे। इस पर घर की महिलाओं ने दिलीप का दोष पूछा, लेकिन सिपाही कुछ बताने के बजाए उसको लेकर वहां से जाने का प्रयास करने लगे। इस पर महिलाएं भड़क उठीं और हाथापाई करने लगी। ग्रामीणों की मानें तो सिपाहियों और महिलाओं के बीच काफी देर तक हाथापाई हुई। मामले को बढ़ता देख सिपाहियों ने दिलीप को छोड़ दिया और भाग खड़े हुए। सिपाहियों की सूचना पर कोतवाल तिकुनियां अजय कुमार सिंह, चौकी इंचार्ज हरीश गंगवार फोर्स के साथ दोबारा मौके पर पहुंचे। आरोप है कि पुलिस ने घर में घुस कर तोड़फोड़ की और दिलीप के बहनोई आशाराम को दबोच लिया। पुलिस ने आशाराम के पास से एक देशी तमंचा और दो कारतूस बरामद होने का दावा किया है। चौकी इंचार्ज का कहना है कि पुलिस ग्राम ताकियापुरवा के वारंटियों की तलाश कर रही थी। इस दौरान सिपाहियों ने ग्राम ताकियापुरवा निवासी दिलीप पुत्र टीकाराम को पकड़ लिया। इससे नाराज वारंटी की बहन ने छीना झपटी कर दिलीप को छुड़ा लिया था। हाथापाई नहीं हुई है। गिरफ्तार आशाराम का चालान कर दिया गया है।