गोला तहसील के गुलरिया गांव में राजस्व अभिलेखों में दर्ज तालाब पर धीरे धीरे कब्ज होता जा रहा है, एक-एक करके उस पर कच्चे पक्के मकान बन रहे हैं, यहां तक कि सरकारी पैसे से शौचालय तक बन चुके हैं, अब पास से गुजरने वाले रास्ते को बंद करने एवं मस्जिद के पानी को रोकने की शिकायत पर जब लेखपाल पहुंचे तो महिलाएं उनसे भिड़ गईं।
भीरा थाना क्षेत्र के रूद्रपुर गुलरिया ग्राम पंचायत के मजरा गुलरिया में आबादी से सटे दो तालाब हैं। जिन पर एक तालाब पर जनप्रतिनिधियों एवं जिम्मेदारों के दखल के बाद एक एक आधा दर्जन कच्चे घर बनते जा रहे हैं, यहां तक कि पास से गुजरने वाले रास्ते को भी बंद कर रहे हैं। वहीं मस्जिद का पानी निकालने को बनी नाली को पाटकर लोगों ने अपनी क्यारी बना लीं, जिससे पूरा पानी बंद हो गया। वहीं पिछले कुछ समय ये इस तालाब पर छप्पर डलवाने के नाम पर कुछ लोग पुलिस एवं राजस्व कर्मचारियों को सुविधा शुल्क देने के नाम पर वसूली तक कर रहे हैं, इसी बात पर कब्जेदारों के हौसले इतने बुलंद हैं कि जांच को पहुंचे हलका लेखपाल शिवशांत अवस्थी को ही निशाने पर ले लिया। लेखपाल के साथ उस समय गांव के कुछ लोग थे, उन्होंने मना किया, नहीं तो बात बढ़ जाती। महिलाएं इस बात पर गुस्सा थीं उनका छप्पर हटा रहे हैं ,वह कहने लगीं कि खुद तेल डालकर आग लगा लेंगी और लेखपाल को फंसा देंगी। इसके बाद लेखपाल के वीडियो बनाने पर भी महिलाएं चुप नही रहीं। वहीं कब्जा जमाए एक कब्जेदार तो फौजदारी पर आमादा हो गए।