सदर कोतवाली की पुलिस चौकी व कस्बा महेवागंज के मोहल्ला मस्जिदपुरवा में सोमवार की शाम पिता की डांट से क्षुब्ध होकर एक 25 वर्षीय युवक ने कमरे में तमंचा से अपने माथे पर गोली मार ली। फायर की आवाज पर घरवाले मौके पर पहुंचे तो वह खून से लथपथ पड़ा था। जिला अस्पताल ले जाने की व्यवस्था हो पाती कि उसकी मौत हो गई। पुलिस ने कमरे में पड़ा तमंचा कब्जे में लिया है।
घटना सोमवार शाम करीब आठ बजे पुलिस चौकी के निकट हुई। मोहल्ला मस्जिदपुरवा निवासी मंजूर अली का घर पुलिस चौकी के पास है। मंजूर अली ने बताया कि सोमवार की शाम उनका पुत्र सलमान उर्फ कालिया शराब के नशे में घर आया। उन्होंने उसको डांट दिया। इससे परिवार में कहासुनी होने लगी, जिससे नाराज होकर सलमान ने अपने कमरे में तमंचे से गोली मार ली। गोली चलने की आवाज सुनकर घर वाले कमरे में गए तो देखा सलमान खून से लथपथ फर्श पर पड़ा था। यह देख परिजनों में कोहराम मच गया। परिजन जब तक उसे अस्पताल ले जाते तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिवार वालों को सौंप दिया है। घटना की सूचना पर शहर कोतवाल अशोक कुमार पांडेय मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और परिवार वालों से घटना के बाबत जानकारी ली।
शराब पीने की बात पर पिता ने सलमान को डांटा था। इससे नाराज होकर गोली मारकर आत्महत्या की है। मौके से एक 315 बोर देशी तमंचा, जिसकी नाल में खोखा भी फंसा है। साथ ही जिंदा कारतूस भी बरामद हुए हैं।
- अवधेश यादव चौकी प्रभारी, पुलिस चौकी महेवागंज।
अकेला था इसलिए बिगड़ गया लाडला
मोहल्ला मस्जिदपुरवा निवासी सलमान के गोली मारकर आत्महत्या करने से परिवार का चिराग बुझ गया है। वह अपने पिता का एकलौता पुत्र था। उसकी तीन बहने हैं। तीनों बहनों में छोटा और एकलौता होने के कारण वह घर में सभी का दुलारा था। इसी लाड़ और प्यार में वह बिगड़ गया। गलत शोहबत में आने के बाद उसने शराब का सेवन शुरू कर दिया। आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहकर पुलिस की भी मुखबिरी करने लगा था।
मोहल्ला मस्जिदपुरवा निवासी 70 वर्षीय मंजूर अली वर्तमान समय में चल-फिर पाने में असमर्थ हैं। उनके तीन पुत्रियां और एक पुत्र सलमान उर्फ कालिया था। बुजुर्ग पिता मंजूर अली बताते हैं कि करीब छह माह पहले उन्होंने शहर के मोहल्ला हाथीपुर कोठार स्थित अपना मकान बिक्री कर दिया था। बाद में मस्जिदपुरवा में एक मकान खरीदा और उसमें परिवार समेत रहने लगे थे। तीसरे नंबर की पुत्री परवीन का निकाह 10 दिसंबर 2018 को तय है। घर में खुशी का माहौल था। उन्होंने बताया कि एकलौता पुत्र होने के कारण सलमान परिवार में सभी का दुलारा था। तीनों बहनें भी उसे बहुत मानती थीं। शहर का मकान बिक्री करने के कुछ साल बाद सलमान का चाल-चलन बदलने लगा। इस पर उसे कई बार प्यार से समझाया गया, लेकिन धीरे-धीरे उसकी लतें काफी खराब हो गईं। उन्हें क्या पता था कि जिस पुत्र को वह परिवार समेत इतना लाड़-प्यार कर रहे हैं। वहीं एक दिन उनके बुढ़ापे की लाठी तोड़ देगा। वह बताते हैं कि एकलौते पुत्र सलमान का चाल चलन और सोहबत अच्छी न होने से आए दिन कोई न कोई बखेड़ा खड़ा होता था। सलमान की मौत से घर में निकाह की खुशियां मातम में बदल गई हैं।