शहर से सटे गांव छाउछ से एक जनवरी को घर से निकले युवक का शव 12 दिन बाद सीतापुर जिले के थाना रामपुर कला क्षेत्र में शारदा सहायक नहर से बरामद हुआ है। परिवार वालों को दो जनवरी को उसकी कार हरगांव चीनी मिल के पास शराब ठेके के सामने से लावारिस मिली थी, जिसके बाद हरगांव थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई। परिवार वालों ने अपहरण का आरोप लगाते हुए सदर कोतवाली में आठ जनवरी को मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस मामले की जांच कर रही, लेकिन विफल रही। शव का पोस्टमार्टम होने के बाद गुरुवार को शव छाउछ लाकर अंतिम संस्कार कर दिया गया।
बता दें कि शहर से सटे गांव छाउछ निवासी जितेंद्र वर्मा उर्फ जीतू एक जनवरी की शाम करीब पांच बजे अपनी कार से एक पार्टी में शामिल होने की बात कहकर हरगांव के लिए निकला था, दूसरे दिन उसकी कार हरगांव में लावारिस हाल में बरामद हुई थी। कार में ही उसका मोबाइल और अन्य सामान भी बरामद हुआ था। इससे भाई सुरेंद्र कुमार वर्मा ने अपहरण की आशंका जताते हुए हरगांव थाने में मुकदमा दर्ज कराने को तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर इतिश्री कर ली। परिवार वालों ने एसपी से मिलकर सदर कोतवाली में अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, पुलिस को जांच में कोई अहम जानकारी हासिल नहीं हो सकी। परिवार वालों को अनहोनी की आशंका सताने लगी। वहीं बुधवार को सीतापुर के रामपुर कलां थाना क्षेत्र में शारदा सहायक नहर से जीतू का शव बरामद हुआ। सूचना मिलने पर परिवार वाले शिनाख्त के लिए मौके पर पहुंचे। जीतू के सिर पर चोट के निशान मिले हैैं, जबकि पैंट और बनियान पहने था।
प्रभारी निरीक्षक, सदर कोतवाली दुर्गेश चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि
घटनास्थल पर जाकर पड़ताल की गई हैै। घटना में शामिल लोगों के बारे में कुछ
सुराग हाथ लगे हैं, जिनके आधार पर जल्द ही इस मामले का खुलासा कर लिया
जाएगा।
कपड़े से हो सकी शिनाख्त
शव बरामद होने की सूचना मिलने के बाद परिवार वाले मौके पर शिनाख्त के लिए पहुंचे, तो शव कई दिन पुराना होने के चलते चेहरे से पहचान नहीं कर सके। बल्कि उसके कपड़ों के आधार पर पहचान की गई। इससे आशंका जताई जा रही है कि हत्यारों ने एक जनवरी को ही उसकी हत्या कर शव नहर में फेंक दिया।