भीखमपुर (लखीमपुर खीरी)।
थाना मितौली क्षेत्र में बाइक सवार को बचाने के प्रयास में लखीमपुर-मोहम्मदी मार्ग पर बुधवार को एक डीसीएम बरौला फार्म के पास अनियंत्रित होकर करीब आठ फुट गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में डीसीएम मालिक के भाई समेत तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जेसीबी से डीसीएम को सीधा कर उसमें फंसे तीन शव बाहर निकाले। मृतकों में डीसीएम मालिक समेत दो लोग लखीमपुर खीरी, जबकि तीसरा बहराइच जिले का निवासी है। पुलिस ने तीनों शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बुधवार की सुबह करीब सात बजे एक डीसीएम सरिया भरकर मोहम्मदी की ओर से आ रही थी। बरौला फार्म तिराहा मोड़ के पास सामने से आ रहे बाइक सवार को बचाने के चक्कर में चालक स्टेयरिंग से नियंत्रण खो बैठा, जिससे डीसीएम करीब आठ फुट गहरी खंदक में जा गिरी। सरिया की चपेट में आकर डीसीएम की केबिन भी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार तीन लोग लोहे की सरिया के नीचे दब गए। जोरदार धमाका होने पर आसपास के लोग और राहगीर मौके पर पहुंच गए।
सूचना पर सीओ मितौली, यूपी 100 और एसओ मितौली फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से रेस्कयू ऑपरेशन चलाया, लेकिन पुलिस डीसीएम में फंसे शवों को बाहर नहीं निकाल सकी। इस पर पुलिस ने जेसीबी मंगवाकर लोहे की सरिया हटवाईं और उसके नीचे दबे शवों को बाहर निकलवाया। इस दौरान मार्ग पर करीब दो घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही।
एसओ ओमप्रकाश रजक ने बताया तीनों शवों की शिनाख्त डीसीएम मालिक कस्बा धौरहरा के मोहल्ला बाजार वार्ड निवासी अब्दुल अजीज के भाई 45 वर्षीय हमीद, थाना सिंगाही क्षेत्र के गांव बंगलहा तकिया निवासी 25 वर्षीय नसीम और बहराइच जिले के थाना नानपारा के गांव बहादुरपुरा निवासी हेल्पर रजितराम के रूप में हुई है। पुलिस ने मौके पर पहुंचे परिवार वालों को अब्दुल हमीद की जेब में मिले सैंतीस हजार रुपये और मोबाइल सौंप दिया है।
हादसे से तीन घरों में मची चीखपुकार
डीसीएम खाई में पलटने से हुए हादसे में तीन लोगों के मारे जाने की जानकारी जब मृतकों के गांव पहुंची तो लोग आवाक रह गए। तीनों के घरों पर कोहराम मच गया, जो जैसे थे वैसे ही घटना स्थल की ओर दौड़ पड़ा। पोस्टमार्टम हाउस पर मृतकों के परिवार वालों के अलावा बड़ी संख्या में अन्य लोग भी मौजूद रहे।
कोतवाली व कस्बा धौरहरा के मोहल्ला बाजार वार्ड निवासी अब्दुल अजीज ने बताया कि उनका भाई अब्दुल हमीद सोमवार की सुबह गाजियाबाद गए थे। साथ में चालक नसीम और हेल्पर राजितराम भी था। आज तीनों गाजियाबाद से सरिया लेकर लखीमपुर लौट रहे थे। सुबह सात बजे के करीब हादसा हो गया। हादसे में तीनों की मौत होने की जानकारी सुबह पुलिस ने करीब साढ़े आठ बजे मोबाइल पर कॉल करके दी। इससे परिवार में कोहराम मच गया। तीन लोगों की मौत की खबर जिसने सुनी वही आवाक रह गया। परिवार के लोगों के साथ अन्य लोग भी घटना स्थल की ओर दौड़ पड़े। पोस्टमार्टम हाउस पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। मृतक की पत्नी शमशुल निशां का रो-रोकर बुरा हाल है। उसके दो बेटे और एक बेटी है।
ससुराल में रहता था नसीम
सड़क हादसे में मारा गया नसीम थाना सिंगाही के गांव घोसियाना का रहने वाला निवासी था। वह अक्सर थाना व कसबा खीरी के मोहल्ला घोसियाना स्थित अपनी ससुराल में रहता था। मृतक की पत्नी नरगिस और परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक के ससुर साबिर अली ने बताया कि मृतक के दो छोटे-छोटे बच्चे हैं। पिता की पहले ही मौत हो चुकी है।
अंतिम बार पिता से हुई रजितराम की बात
नानपारा (बहराइच) के गांव बहादुरपुरवा निवासी हेल्पर रजितराम के परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है। उसके पिता दयाराम ने बताया कि पुत्र रजिराम ने मंगलवार की शाम उन्हें कॉल की थी और बुधवार की शाम तक घर आने को कहा था। पत्नी और बच्चे उसका इंतजार कर रहे थे। सुबह होते ही घर में पुत्र की मौत की मनहूस खबर आई। इससे परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है।