लखीमपुर खीरी। ईसानगर थाना क्षेत्र में एक नाबालिग को अपनी हवस का शिकार बनाने वाले दुष्कर्मी को एडीजे रामलाल ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। आठ साल पुराने मामले में अदालत ने आरोपी पर 20000 रुपये जुर्माना लगाया है।
विशेष लोक अभियोजक बृजेश कुमार पांडे ने बताया ईसानगर थाना क्षेत्र के एक गांव में रहने वाली नाबालिग किशोरी 5 जून 2014 को शौच के लिए गई थी, तभी दुष्कर्मी संतोष लोनिया ने किशोरी को दबोच लिया। उसे खेत में खींचकर ले गया। किशोरी के विरोध करने पर उसे थप्पड़ से मारा और जान से मारने की धमकियां देते हुए उससे दुष्कर्म किया। ईसानगर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पीड़िता के कलमबंद बयान दर्ज कराए थे और चिकित्सीय परीक्षण भी कराया था। जांच के बाद संतोष के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। अदालती सुनवाई के दौरान पीड़िता के साथ ही उसके माता-पिता ने बयान दर्ज कराए थे। अदालत में महिला कांस्टेबल शशि प्रभा, डॉ. पुष्पलता, सुरेश पाल, विवेचक मोहम्मद तारिक़ की गवाही से पूरा मामला स्पष्ट हो गया था। एडीजे रामलाल ने सुनवाई के बाद संतोष को दोषी पाते हुए उसे उम्र कैद की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 20 हजार का जुर्माना लगाया है। अदालत ने जुर्माने में वसूल होने वाली संपूर्ण रकम पीड़िता को देने का आदेश दिया है।
तिकुनिया कांड : क्रॉस केस मामले में सुनवाई आज
संवाद न्यूज एजेंसी
लखीमपुर खीरी। तिकुनिया कांड के क्रॉस केस मामले में मंगलवार को जिला जज मुकेश मिश्र की अदालत में आरोपियों पर आरोप तय करने को लेकर सुनवाई होगी। इसके साथ ही आरोपियों की ओर से दी गई डिस्चार्ज एप्लीकेशन पर भी निर्णायक सुनवाई हो सकती है।
तिकुनिया कांड के क्रॉस केस मामले में एसआईटी ने जांच के बाद गुरविंदर सिंह सहित चार आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। जिसमें धाराओं और लगाए गए आरोप को लेकर सवाल उठाए गए हैं। साथ ही अदालती सुनवाई को लेकर चुनौती दी गई है। डिस्चार्ज एप्लीकेशन पेश करते हुए मामले से बरी करने की अपील की गई है। एडीजीसी शिव गोविंद राठौड़ ने राज्य सरकार की ओर से डिस्चार्ज एप्लीकेशन के खिलाफ आपत्ति देने के लिए पिछली बार समय मांगा था। उम्मीद है कि मंगलवार को डिस्चार्ज एप्लीकेशन के खिलाफ राज्य सरकार की ओर से आपत्ति दाखिल की जाएगी, जिसके बाद आरोप बनने को लेकर कानूनी प्रक्रिया पूरी हो सकेगी। यह सब कुछ आज की सुनवाई पर निर्भर करेगा।