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पान की दुकान पर सादे कपड़ों में खड़े दरोगा से भिड़े सिपाही

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लखीमपुर खीरी। गुरुवार की रात पान की दुकान पर सादे कपड़ों में खड़े एक दरोगा और दुकान को बंद कराने पहुंचे सिपाहियों के बीच जमकर तकरार हुई। बात इतनी बढ़ गई कि नौबत हाथापाई तक आ गई। गनीमत रही कि समय से कोतवाली पुलिस पहुंच गई, जिससे विवाद टल गया। सिपाहियों ने पहचान न पाने की बात कहकर दरोगा से माफी मांगी, तब जाकर मामला शांत हो सका।
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गुरुवार को नए साल की पूर्व संध्या पर किसी भी अप्रिय घटना को लेकर पुलिस सतर्क थी। दुकानदारों को हिदायत दी जा रही थी कि वे भी समय से दुकानें बंद कर दें। ऐसे में रात करीब नौ बजे पुलिस लाइन में तैनात एक दरोगा विलोबी गेट के निकट एक दुकान पर पान खाने पहुंचे। वह पान लगवा ही रहे थे कि इसी बीच दो सिपाही भी वहां पहुंचे और दुकानदार को खरीखोटी सुनाते हुए तुरंत दुकान बंद करने के लिए कहा तो दरोगा से भी घर जाने को कहा। दरोगा ने इसका विरोध किया। यह बात सिपाहियों को काफी नागवार गुजरी और वह दरोगा से अभद्रता करने लगे। इससे दरोगा भी भड़क गया। सिपाहियों और दरोगा में जमकर गाली-गलौज हुई, जिससे मौके पर काफी भीड़ लग गई। नौबत हाथापाई तक आ गई । सिपाहियों ने सूचना सदर कोतवाली पुलिस को दी। मौके पर कोतवाली पुलिस भी आ गई। कोतवाली से पहुंचे पुलिस वालों ने दरोगा को पहचान लिया। अभद्रता करने वाले सिपाहियों को जब संबंधित व्यक्ति के दरोगा होने का पता चला तो वे बैकफुट पर आ गए। सिपाहियों ने अपनी गलती मानते हुए दरोगा से तुरंत माफी मांगी। तब जाकर मामला शांत हुआ। दरोगा और सिपाहियों के बीच हुए इस विवाद की चर्चा शुक्रवार को भी विलोबी गेट के पास होती रही। इस बाबत जब कार्यवाहक प्रभारी निरीक्षक चंद्रभान से पूछा गया तो उन्होंने कहा-गलतफहमी में ऐसा हुआ, अब सब ठीक है। संवाद
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