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दो साल के मासूम को फंदे से लटकाकर खुद भी लटक गई मां

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लखीमपुर के गांव भूलनपुर में मृतका संगीता के घर के बाहर लगी भीड़। संवाद - फोटो : LAKHIMPUR
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बेलरायां (लखीमपुर खीरी)। बेलरायां पुलिस चौकी क्षेत्र के एक गांव में दो साल के पुत्र को फंदे से लटकाने के बाद मां ने खुद भी छप्पर की बढ़ेर से फंदा लगाकर जान दे दी। इससे परिवार में कोहराम मच गया। घटना के पीछे आर्थिक तंगी के कारण पारिवारिक कलह वजह बताई जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दोनों की मौत का कारण फंदा लगने से दम घुटना सामने आया है।
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गांव भूलनपुर निवासी बसंती देवी ने बताया कि वह पति लेखराम, पुत्री और छोटे पुत्र के साथ दूसरे घर में रहती है, जबकि बड़ा बेटा महेश पत्नी संगीता देवी (25) और दो छोटे पुत्रों के साथ कुछ दूरी पर अलग छप्पर डालकर रहता है। महेश कुमार एक माह पहले देहरादून मजदूरी करने गया था। गुरुवार को वह परिवार के साथ खेत पर काम करने गई थी। पुत्रवधू संगीता देवी (25) दो वर्षीय पुत्र जितेंद्र के साथ अपने घर पर थी। देर शाम जब परिवार के सभी लोग घर वापस आए तो देखा कि संगीता और जितेंद्र का छप्पर की बढ़ेर में रस्सी के सहारे शव लटक रहा था। यह देख परिवार में कोहराम मच गया। घर वालों ने घटना की सूचना मृतका के पति महेश प्रसाद को दी और उसके आने का इंतजार करने लगे। शुक्रवार सुबह किसी ने मां-बेटे के फंदा लगाकर जान देने की सूचना बेलरायां चौकी पुलिस को दी। सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक तिकुनियां राजकुमार, बेलरायां चौकी इंचार्ज योगेश तेवतिया, प्रधान के पति ध्रुव वर्मा और मृतका के मायके वाले मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने दोनों शव उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेजे, जिसमें फंदा लगने से दम घुटने से मौत की बात सामने आई है। मृतका का पति व ससुराल के अन्य लोग आत्महत्या करने की वजह नहीं बता पा रहे हैं, लेकिन पुलिस इसे आर्थिक तंगी के कारण घरेलू कलह मान रही है।
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परिस्थितिजन्य साक्ष्यों से प्रथम दृष्टया आत्महत्या प्रतीत हो रही है। अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं मिली है, रिपोर्ट आने के बाद उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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-राजकुमार वर्मा, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली तिकुनियां
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आर्थिक तंगी के कारण काफी परेशान थी संगीता
लखीमपुर खीरी/बेलरायां। दो साल के बेटे को फंदे से लटकाकर खुद भी फंदे से लटकर जान देने वाली मां संगीता पैसों को लेकर काफी परेशान थी। इसी वजह से पारिवारिक कलह भी होती थी। इस बात की पुष्टि उसके पति ने भी की।
पति महेश प्रसाद ने बताया कि पत्नी ने बुधवार की दोपहर करीब तीन बजे मौसी के पुत्र शिवशंकर के मोबाइल से फोन कर बात की थी। उसने कहा था कि एक भी रुपया उसके पास नहीं है। कुछ रुपये खाते में भेज देना। इस पर उसने दो-तीन दिन में रुपये खाते में भेजने की बात कही थी।
गांव भूलनपुर निवासी लेखराम की दो पत्नियां बसंती देवी और मीना देवी हैं। काफी गरीब परिवार होने के कारण सभी मेहनत मजदूरी करते हैं, जिसमें बसंती देवी का पुत्र महेश है जिसकी पत्नी फं दे पर बेटे के साथ लटक गई। पोस्टमार्टम हाउस पर मृतका के पति महेश प्रसाद ने बताया कि आर्थिक तंगी के कारण वह काफी परेशान रहता था। पत्नी संगीता ने ही उस पर बाहर जाकर कमाई करने का दबाव बनाया। इस पर वह 18 दिसंबर को मजदूरी करने देहरादून चला गया। गुरुवार की शाम करीब छह बजे चाचा बनवारी ने मोबाइल पर कॉल कर दुखद घटना की सूचना दी। पत्नी और पुत्र की मौत की बात सुन वह अवाक रह गया। शवों को देख कोई बच्चे का गला घोंटकर हत्या करने के बाद शव लटकाने और खुद लटकने की आशंका जाहिर कर रहा था तो कोई बच्चे को फंदे पर लटकाने के बाद आत्महत्या करने की बात कह रहा था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इस रहस्य से भी पर्दा उठा दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक मां और उसके मासूम बेटे की मौत फंदा लगने से दम घुटने के कारण हुई थी। इससे साफ होता है कि संगीता ने पहले अपने कलेजे के टुकड़े को रस्सी से फंदे से लटकाया और बाद में खुद फंदे से लटककर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।
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मां-बेटे का शव लटका देख सिहर उठे लोग
गांव भूलनपुर में मां-बेटे के शव लटके होने की सूचना जब आसपास के गांवों में फैली तो बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। देखते ही देखते मौके पर काफी संख्या में लोगों की भीड़ जुट गई। निवर्तमान ग्राम प्रधान के पति ध्रुव वर्मा ने बिलख रहे परिवार वालों को ढांढस बंधाया। शवों को लटका देख लोग सिहर उठे। लोगों की आंखें नम हो गईं।
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मनोचिकित्सक ने कहा
अक्सर लोग अवसाद में आकर इस तरह का आत्मघाती कदम उठाते हैं। ऐसे में निराशा और हताशा का माहौल बन जाता है और लोग गलत कदम उठा लेते हैं साथ ही अपने पर निर्भर इंसान को भी खत्म करने का प्रयास करता है। परिवालों को चाहिए कि यदि घर के किसी सदस्य का व्यवहार बदला सा लगे तो उसे अकेला न छोड़े। उसके साथ बातचीत करते रहें, जिससे उसके मन में नकारात्मक विचार न आने पाएं।
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-डॉ. अखिलेश शुक्ला मनोचिकित्सक जिला अस्पताल
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