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दिल्ली जा रहे किसानों ने पुलिस को छकाया.. निघासन से निकले, मैलानी में नहीं रोक सका प्रशासन

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निघासन (लखीमपुर खीरी) के सदर चौराहे पर की गई बैरीकेडिंग। संवाद - फोटो : LAKHIMPUR
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निघासन-तिकुनियां (लखीमपुर खीरी)। दिल्ली में चल रहे आंदोलन में शामिल होने जा रहे किसानों को जब पुलिस ने रोकने की कोशिश की तो उन्होंने दिनभर खूब छकाया। कभी बैरीकेडिंग तोड़ दी, तो कही बीच सड़क पर धरने पर बैठ गए। काफी मशक्कत के बाद पुलिस किसानों को पलिया में रोकने में कामयाब हो पाई और उन्हें वहां रोक लिया गया। वहां उन्हें गुरुद्वारे में रोका गया, वहीं उनके खाने-पीने की व्यवस्था भी की गई। देर शाम यहां से किसान भीरा होते हुए मैलानी रवाना हुए, साथ में पुलिस-प्रशासन के अधिकारी भी रहे। यहां खीरी और शाहजहांपुर पुलिस-प्रशासन ने उन्हें रोकने की कोशिश की पर वे सफल नहीं हो सके और दिल्ली के लिए किसान रवाना हो गए।
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कृषि कानूनों के खिलाफ सुबह तिकुनियां के गुरुद्वारे में किसानों ने दिल्ली में चल रहे आंदोलन में शामिल होने की रणनीति बनाई। इसकी भनक जब प्रशासन को लगी तो उन्होंने गुरुनानक देव एकेडमी के पास बैरिकेडिंग कर किसानों को रोकने की कोशिश की। लेकिन, किसान बैरिकेडिंग तोड़ कर आगे बढ़ गए और पुलिस को चकमा देने के लिए उन्होंने अपना रूट बदल दिया। इस दौरान कालेशरण तिराहे के पास भी पुलिस की बैरिकेडिंग धरी रह गई और किसान सिंगहा होते हुए सिंगाही बेलरायां मार्ग पर आ गए। सिंगाही में भी पुलिस किसानों को रोकने में नाकाम रही। हालांकि, सरयू पुल पर दूसरा रास्ता न होने के कारण पुलिस किसानों को रोकने में सफल रही। इस दौरान नाराज किसान पुल पर दरी बिछाकर बैठ गए और ट्रैक्टर ट्रॉली खड़ा करके प्रदर्शन करने लगे। किसानों का उग्र रूप देखकर एसडीएम ओपी गुप्ता, सीओ प्रदीप सिंह ने किसानों को समझाने का प्रयास किया। करीब दो घंटे बाद किसानों को पलिया के गहरा फार्म स्थित गुरुद्वारे के पास रोकने में कामयाब रहे। यहां से शाम को किसान भीरा होते हुए मैलानी रवाना हुए। यहां खीरी और शाहजहांपुर पुलिस प्रशासन ने उन्हें रोकने की कोशिश की पर वे सफल नहीं हो सके और किसान दिल्ली के लिए रवाना हो गए।
परेशान रहे यात्री
किसानों को पुल पर रोकने के दौरान राहगीर काफी परेशान रहे। कुछ यात्री तो वाहनों से उतरकर पैदल ही चल पड़े। कई राहगीर किसानों के समर्थन में प्रदर्शन होने की बात सुनकर वहीं पर रुक कर धरना प्रदर्शन में शामिल हुए।
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चाय पिलाकर मनाने की कोशिश
एसडीएम ओपी गुप्ता ने सूझबूझ का परिचय देते हुए किसानों को चाय पिलाने की कोशिश की। इस दौरान चाय के इंतजार में किसानों को करीब आधा घंटे स्टेट हाइवे पर रोके रखा। किसानों ने चाय तो पी, लेकिन धरना प्रदर्शन में शामिल होने की बात पर अड़े रहे।
पुलिस की धक्का-मुक्की
बैरीकेडिंग कर किसानों को रोकने की कोशिश असफल रही। तिकुनियां में निघासन प्रभारी निरीक्षक दिलेश कुमार सिंह को कुछ किसानों ने धक्का मारने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस और किसानों की तीखी नोकझोंक भी हुई।
इन स्थानों पर लगाई गई बैरीकेडिंग
तिकुनियां में गुरुनानक देव एकेडमी, कालेशरण तिराहा, सिंगाही, निघासन के सरयू पुल, एब्लॉन पब्लिक स्कूल के आगे, सदर चौराहे पर पुलिस ने बैरिकेडिंग की। इस दौरान सदर चौराहे पर झंडी, पलिया और ढखेरवा रोड पर वाहनों का आवागमन जारी रहा जबकि, सिंगाही रोड को पूर्णतया बंद कर दिया गया।
चार ट्रैक्टर ट्राली, एक मिनी बस और बाइकों से निकले थे किसान
चार ट्रैक्टर ट्रॉली, एक मिनी बस और बाइकों पर सवार होकर किसान दिल्ली के लिए रवाना हुए। किसानों को सिंगाही, तिकुनियां, निघासन, धौरहरा आदि थानों की पुलिस लगाकर गहरा फार्म गुरुद्वारे भेजा गया।
किसानों का प्रदर्शन शांतिपूर्वक रहा। उनकी मांगों पर विचार करते हुए बातचीत करने के बाद कानून व्यवस्था के दृष्टिगत लोगों को दिल्ली की ओर जाने दिया गया है। - शैलेंद्र कुमार सिंह, डीएम, लखीमपुर खीरी

निघासन (लखीमपुर खीरी) में प्रदर्शन करते किसान। संवाद- फोटो : LAKHIMPUR

 

निघासन (लखीमपुर खीरी) में किसानों को समझाते एसडीएम ओपी गुप्ता। संवाद- फोटो : LAKHIMPUR

 

तिकुनियां में किसानों को रोंकती पुलिस- फोटो : LAKHIMPUR

 

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