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पुतला फूंकने के मामले में कांग्रेसियों ने किया समर्पण

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लखीमपुर खीरी। सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का पुतला फूंकने के पुराने मामले में कांग्रेस के जिलाध्यक्ष सहित छह नेताओं ने सीजेएम कोर्ट में आत्मसमर्पण किया। जिन्हें सुनवाई के बाद अदालत ने 15-15 हजार रुपये की जमानत और निजी बंधपत्र दाखिल करने पर रिहा कर दिया।
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अभियोजन अधिकारी एसपी यादव ने बताया कि गोला थाना शहर में 26 अगस्त 2015 को बिना पूर्व सूचना दिए कांग्रेस के नेताओं ने विकास चौराहे पर जाम लगाने के साथ ही सरकार विरोधी नारेबाजी की थी। इसी दौरान कांग्रेसियों ने तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का पुतला फूंका था। इस मामले में पुलिस ने पूर्व संासद जफर अली नकवी के पुत्र कैप्टन मोनिस अली, जिलाध्यक्ष कुंवर राघवेंद्र बहादुर सिंह, प्रहलाद पटेल, नवनीत अग्रिहोत्री, केके मिश्र, राकेश विश्वकर्मा, अजय शुक्ल, डीके दीक्षित, रवि गोस्वामी, सर्वेश कुमार, सरदार साहिब सिंह, पंकज रामकुमार वर्मा, रविंद्र पटेल ने कार्यकर्ताओं सहित विकास चौराहे पर तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का पुतला फूंका था। अगले दिन आला अफसरों के आदेश पर बीके द्विवेदी एसआई ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जांच के बाद पुलिस ने सांसद पुत्र कैप्टन मोनिस अली, जिलाध्यक्ष राघवेंद्र बहादुर सिंह, व प्रहलाद पटेल सहित दस कार्यकर्ताओं के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। इस मामले में अदालत ने सभी दस आरोपियों के खिलाफ समन जारी करते हुए नौ फरवरी की तिथि मुकर्रर की थी।
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सभी छह को मिली जमानत, रिहा
अदालत में आत्मसमर्पण करने वाले कुंवर राघवेंद्र बहादुर सिंह, प्रहलाद पटेल, साहिब सिंह, अजय शुक्ला, कृष्ण कुमार मिश्र और रवि गोस्वामी को सीजेएम सीमा सिंह ने 15-15 हजार रुपये की जमानतें दाखिल करने पर रिहा करने का आदेश दिया।
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अधिवक्ता हुए घायल
सीजेएम कोर्ट के बाहर भीड़भाड़ के चपेट में आए कांग्रेसियों की ओर से पेश होने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता पंकज शुक्ल भी संतुलन बिगड़ने से फर्श पर गिर गए। उनके सिर में चोट लगने के कारण खून निकलने लगा जिन्हें साथी वकीलों ने घायल अवस्था में प्राथमिक उपचार कराया। संवाद
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