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दस साल से दूसरे के नाम पर नौकरी कर रहा फर्जी शिक्षक गिरफ्तार

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पुलिस हिरासत में फर्जी शिक्षक - फोटो : LAKHIMPUR
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धौरहरा (लखीमपुर खीरी)। कोतवाली पुलिस ने दूसरे के नाम पर 10 साल से नौकरी कर रहे फर्जी शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी शिक्षक को बहराइच सीमा पर जालिम नगर पुल से गिरफ्तार किया, वह धौरहरा ब्लॉक के हरीरामपुरवा विद्यालय में सहायक अध्यापक के पद पर नौकरी कर रहा था। शिक्षक के विरुद्ध एफआईआर दर्ज होने के बाद उसकी पुलिस को तलाश थी।
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कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक विद्यासागर पाल ने बताया कि क्षेत्र के हरीरामपुरवा प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक के पद पर राजितराम वर्मा निवासी प्रेमनगर थाना रुपैडिया जनपद बहराइच, विपिन गुप्ता निवासी खूबा बाजार जिला गोरखपुर के फर्जी प्रपत्रों के आधार पर विपिन गुप्ता बनकर 2009 से सरकारी नौकरी कर वेतन ले रहा था। 2019 में एक शिकायत के आधार पर विभागीय अधिकारियों ने आरोपी शिक्षक को बर्खास्त कर दिया था इसके बाद उक्त शिक्षक के विरुद्ध बीएसए के आदेश पर एफआईआर दर्ज हुई थी। शुक्रवार सुबह 8:20 बजे कस्बा इंचार्ज अवधेश यादव के साथ प्रभारी निरीक्षक विद्यासागर पाल ने मुखबिर की सूचना पर बहराइच सीमा पर जालिम नगर पुल से आरोपी शिक्षक राजितराम वर्मा को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी शिक्षक ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।
कोतवाल विद्यासागर पाल ने बताया कि आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर न्यायालय में भेजा जा रहा है। उक्त फर्जी शिक्षक से 28 लाख रुपये सरकारी धन की वसूली भी की जाएगी।
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फर्जी शिक्षक की गिरफ्तारी के बाद सिस्टम की नाकामी पर उठे सवाल
दस साल तक फर्जी प्रपत्रों पर सरकारी नौकरी करने वाले राजितराम वर्मा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया पर उसकी गिरफ्तारी के बाद सवाल उठते हैं क्या हमारा सिस्टम इतना लाचार है कि कोई भी फर्जी अभिलेखों के आधार पर नौकरी हासिल कर सकता है, जबकि एक सरकारी नौकरी पाने के पहले कई जांच एजेंसी इसका सत्यापन भी करती हैं तो क्या इस फर्जी शिक्षक की भर्ती के समय इसके दस्तावेज और जांच एजेंसियों की रिपोर्ट भी नहीं देखी गई। संवाद
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