लखीमपुर खीरी। एसपी भले ही पीड़ित की मदद और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का दंभ भर रहे हों, लेकिन इसका असर थानों पर दिखाई नहीं पड़ रहा है। छह दिन पहले हमलावरों ने कोतवाली धौरहरा क्षेत्र में एक किशोरी को पीटकर मरणासन्न कर दिया, लेकिन पुलिस ने ससुंगत धाराओं में कार्रवाई न कर शांति भंग करने के आरोप में हमलावरों का चालान कर कार्य की इतिश्री कर ली। शनिवार को पीड़ित परिवार किशोरी को लेकर एसपी दफ्तर पहुंचा, लेकिन एसपी के सरकारी कार्य से चले जाने से मायूस होकर लौट गया।
कोतवाली धौरहरा के गांव कफारा निवासी ओमप्रकाश ने बताया कि 14 नवंबर को गांव के ही राजेंद्र उसके परिवार के ही लेखराम के साथ मारपीट कर रहे थे। चीखपुकार पर सतनू और पुत्री सुदामा देवी (16) मौके पर पहुंचीं और बचाने की कोशिश की तो हमलावरों ने उनकी भी लाठी-डंडों से जमकर पिटाई कर दी थी। पिटाई से सुदामा देवी गंभीर रूप से घायल हो गईं थी। पुलिस ने हमलावरों का शांतिभंग में चालान कर दिया था। पुत्री अस्पताल में भर्ती थी। अब भी उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ है। शनिवार को वह घायल सुदामा देवी को लेकर एसपी दफ्तर पहुंचे, लेकिन एसपी विजय ढुल शराब की दुकानों का निरीक्षण करने के कारण बाहर थे। इस पर वह मायूस होकर लौट गए। संवाद