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लगातार बयान बदल रही है ममता: बोली-बदहवास होकर घर से निकली.. फिर क्या हुआ मुझे नहीं मालूम

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सिंगाही (लखीमपुर खीरी)। लखीमपुर शहर के संकटा देवी मंदिर से बरामद हुई ममता को थाना सिंगाही पुलिस सदर कोतवाली से लेकर शनिवार की रात सिंगाही पहुंची। एसओ ने उससे करीब दो घंटे पूछताछ की। उसने पुलिस को बताया कि जब पति के आत्महत्या की खबर मिली तो वह बदहवास हो गई और पैदल ही चल पड़ी। इसके बाद क्या हुआ। उसे नहीं मालूम। यहां बता दें कि ममता लगातार अपने बयान बदल रही है। पुलिस के अनुसार शनिवार को उसने ससुरालियों को फंसाने के लिए नदीं में कूदने का नाटक करने की बात कही थी।
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बता दें कि कोतवाली धौरहरा के गांव अभयपुर निवासी मनोज ने 22 अक्तूबर को अपने घर पर फंदे से लटककर जान दे दी थी। मायके में मौजूद पत्नी ममता को जब पति की मौत की खबर मिली तो वह घर से लापता हो गई थी। अगले दिन सरयू नदी के पुल की रेलिंग में उसका दुपट्टा बंधा मिला था। पास में ही एक सुसाइड नोट लिखा था। आशंका थी कि ममता ने नदी में कूदकर आत्महत्या कर ली।
पुलिस उसकी तलाश कर ही रही थी कि शनिवार की देर शाम सदर कोतवाली पुलिस ने ममता को संकटा देवी मंदिर से बरामद कर लिया। सूचना पर पहुंची सिंगाही पुलिस ममता को लेकर थाने आई। एसओ प्रदीप सिंह ने महिला सिपाहियों के सामने उससे पूछताछ की। ममता ने पुलिस को बताया कि जब उसको पता चला कि उसके पति ने फांसी लगा ली है तो वह बदहवास हो गई और वह पैदल निघासन की ओर चल पड़ी। पुलिस ने जब पुल की सरिया में दुपट्टा और रेलिंग में लिखने की बात पूछी तो उसने कुछ नहीं बताया और चुप्पी साध ली। ममता के पिता सर्वेश ने बताया कि बेटी पर किसी ने जादू टोना कर दिया था, जिसके चलते उसको कुछ भी याद नहीं रहता और वह अजीब हरकतें करती है। एसओ ने बताया कि ममता को उसके पिता सर्वेश के सुपुर्द कर दिया गया है।
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