लखीमपुर खीरी/सिंगाही। थाना सिंगाही के गांव चितिहा में घर पर लगे पेड़ से आम तोड़ने का विरोध करना आठ साल की बालिका के लिए भारी पड़ गया। एक युवक ने उसकी पिटाई कर दी, जिससे वह गंभीर जख्मी हो गई। परिवार वालों के तहरीर देने के बाद भी पुलिस ने न तो रिपोर्ट दर्ज की न ही मेडिकल परीक्षण कराया। काफी गरीब होने के कारण परिवार वाले भी बालिका की दवा नहीं करा सके। नतीजतन बुधवार की शाम बालिका की मौत हो गई। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजा है।
गांव चितिहा निवासी धनंजय तिवारी काफी गरीब है। उसके नाम करीब तीन बीघा जमीन है, जिसे उसने अदायगी पर दे रखी है। वह पत्नी के साथ मजदूरी कर परिवार का पेट पालता है। धनंजय तिवारी ने बताया कि हफ्ते भर पहले वह अपनी पत्नी सुनीता के साथ दूसरे के खेत में मजदूरी पर धान की रोपाई करने गए थे। घर पर पुत्री अंशिका तीन बहनों के साथ थी। शाम करीब 6:30 बजे गांव का ही 22 वर्षीय युवक आ गया और घर में लगे पेड़ से आम तोड़ने लगा। अंशिका ने विरोध किया तो बेटी के पेट पर काफी तेज डंडा मार दिया, जिससे पुत्री बेहाल हो गई। शाम को जब वह मजदूरी कर घर लौटे तो जानकारी हुई। धनंजय ने बताया कि वह अगले दिन सुबह पुत्री को लेकर थाने गए। पुलिस को तहरीर दी पर न तो रिपोर्ट लिखी गई न ही बेटी को अस्पताल भर्ती कराया गया। दूसरे दिन पुलिस ने दोनों पक्षों को थाने बुलवाया और विपक्षी से दवाई कराने की बात कह समझौता करा दिया। थाने से घर वापस आने पर आरोपी पक्ष ने दवा नहीं कराई। रुपये के अभाव में वह भी अपने कलेजे के टुकड़े को कहीं नहीं दिखा सका। बुधवार को पुत्री की हालत अधिक बिगड़ी तो उसे निघासन सीएचसी लाए, जहां अल्ट्रासाउंड कराकर घर वापस ले आए। शाम करीब आठ बजे बेटी ने दम तोड़ दिया। बालिका की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। मौत की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आ गई। पुलिस एंबुलेंस से बेटी को लेकर निघासन सीएचसी पहुंची, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस झूठ बोल रही या पीड़ित पिता..
बच्ची की मौत के मामले में पुलिस का कहना है कि पीड़ित पिता मारपीट के कई दिन बाद थाने आया था और समझौता होने की बात कही थी। वह प्राइवेट उपचार करवा रहा था, जबकि उसके पिता धनंजय का कहना है कि वह घटना की रात ही थाने गया था, पुलिस ने दूसरे दिन बुलाया था। दूसरे दिन उसकी पत्नी पुत्री को लेकर पूरे दिन थाने पर बैठी रही। पुलिस के कई बार बुलाने के बाद वादी पक्ष थाने पर पहुंचा। पुत्री की दवा पानी कराने पर आरोपी पक्ष राजी हो गया। इस पर पुलिस ने समझौता करा दिया। यह और बात है वादी पक्ष ने इलाज नहीं कराया।
माता-पिता बालिका को लेकर सुलह के लिए आए थे। उसने प्राइवेट एक्सरे आदि कराया था। रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए कोई तहरीर नहीं दी थी। रिपोर्ट में नार्मल थी। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। अभी कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
-अजय कुमार राय, एसओ सिंगाही