लखीमपुर खीरी। कोरोना संक्रमण को लेकर नकहा के जगसड़ गांव में बनाए गए क्वारंटीन सेंटर के चतुर्थ श्रेणी कर्मी ने नकहा सीएचसी अधीक्षक पर मारपीट का आरोप लगाया है। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने सीएमओ से मिलकर अधीक्षक पर कार्रवाई की मांग की है। इधर, अधीक्षक ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि वह तो पांच दिन से केंद्र पर गए ही नहीं हैं।
कोरोना संक्रमण को लेकर जिला प्रशासन ने जगसड़ गांव के राजकीय दृष्टिबाधित बालिका विद्यालय को क्वारंटीन सेंटर बनाया है। सेंटर पर सीएमओ कार्यालय के चतुर्थ श्रेणी कर्मी मनोज कुमार की ड्यूटी लगी है। मनोज का कहना है कि रविवार रात आठ से सोमवार सुबह आठ बजे तक उसकी ड्यूटी थी। आरोप है कि इस दौरान रविवार रात नौ बजे अधीक्षक आए। आरोप है कि किसी बात से नाराज अधीक्षक साथियों की मदद से उसे गाड़ी में बैठाकर गांव के बाहर आम के बाग ले गए और वहां पर पिटाई की। जानकारी मिलने पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष विनोद कुमार के नेतृत्व में तमाम पदाधिकारी सोमवार सुबह सीएमओ कार्यालय पहुंचे और उनसे मिलकर सीएचसी अधीक्षक पर कार्रवाई की मांग की। संगठन ने पीड़ित का मेडिकल परीक्षण भी कराया है।
स्वीपर जो आरोप लगा रहा है वह गलत है। मैं पिछले पांच दिन से जगसड़ स्थित क्वारंटीन सेंटर ही नहीं गया। सीएमओ साहब चाहें तो हमारे मोबाइल की लोकेशन ट्रेस करा लें। सच्चाई सामने आ जाएगी।
- डॉ. रामू, अधीक्षक सीएचसी नकहा
चतुर्थ श्रेणी कर्मी ने अधीक्षक पर मारपीट का आरोप लगाया है। इसकी जांच कराई जाएगी। जो दोषी होगी उस पर कार्रवाई होगी।
- डॉ. मनोज अग्रवाल, सीएमओ