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बचने की तमाम कोशिशें..मगर हर कदम पर खुल रहा पुलिस का झूठ

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लखीमपुर खीरी/ममरी। थाना हैदराबाद के नजदीकी गांव उदयपुर के विवेक की मौत के मामले में पुलिस का झूठ हर कदम पर खुलकर सामने आ रहा है। शुक्रवार रात पोस्टमार्टम होने तक वही कहानी सबके सामने आई जो पुलिस बताती रही मगर पोस्टमार्टम रिपोर्ट से परिवार वालों के उस दावे में सच्चाई नजर आने लगी कि विवेक को थाने में पीटा गया। रिपोर्ट में विवेक की पीठ पर पिटाई से चोट के निशान पाए गए। मौत का कारण फंदे से लटकना हालांकि फंदे पर ज्यादा देर नहीं लटका रहा आया।
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पुलिस के अनुसार गांव उदयपुर निवासी युवक विवेक वर्मा पड़ोस की एक महिला को बहला फुसलाकर भगा ले गया था। महिला के दो बच्चे हैं। महिला के पति ने 17 फरवरी को धारा 366 के तहत विवेक के नामजद रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई थी। विवेक के भाई संदीप और पिता भगौती प्रसाद का कहना है कि पुलिस के दबाव बनाने पर उन्होंने विवेक और महिला को शाहजहांपुर रेलवे स्टेशन से लाकर चार दिन पूर्व हैदराबाद पुलिस के हवाले कर दिया था। उनका आरोप है कि पुलिस ने महिला को तो मायके वालों के सुपुर्द कर दिया जबकि विवेक को हिरासत में बैठाए रखा। वहीं पुलिस कह रही है महिला को उसका पति ही खोजकर लाया था और विवेक को उसी दिन छोड़ दिया गया।
विवेक के परिवार वालों ने बताया कि शुक्रवार सुबह आठ बजे विवेक ने घर फोन कर छुड़ा ले जाने को कहा। करीब 10 बजे विवेक का भाई जब खाना लेकर थाने पहुंचा तो उसे पुलिस ने बताया कि विवेक को अस्पताल ले जाया गया है। कुछ देर बाद थाने में पुलिसकर्मियों की भीड़ जुटने लगी। तमाम मीडियाकर्मी, एएसपी व सीओ भी पुलिस फोर्स के साथ थाने पहुंच गए। तब उसे बताया गया कि विवेक ने थाने से 100 मीटर दूर खेत में खड़े पाकड़ के पेड़ में रस्सी का फंदा लगा लिया है। पुलिस का कहना है कि विवेक को पहले सीएचसी गोला फिर जिला चिकित्सालय ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद गांव प्रसादपुर निवासी मृतक विवेक के मामा अमर सिंह ने बताया कि उनके भांजे ने यदि फंदा लगाकर आत्महत्या की थी तो पुलिस को इसकी सूचना परिवार वालों को देनी चाहिए थी। घर वालों के मौके पर आने का इंतजार करना चाहिए था, लेकिन पुलिस ने ऐसा कुछ नहीं किया। किसी ने पेड़ से भांजे की लटकती लाश भी नहीं देखी। इसलिए आत्महत्या करने की बात किसी के गले नहीं उतर रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि पुलिस शव का पंचायतनामा भी मौके पर भरना चाहिए था, लेकिन पुलिस ने पोस्टमार्टम हाउस पर पंचायत नामा भरा।
तो क्या पीएचसी व सीएचसी नहीं लाई पुलिस
थाना हैदराबाद एसओ धर्मदास सिद्धार्थ का कहना है कि वह गोला गोकर्णनाथ में सुरक्षा ड्यूटी पर लगे थे। थाने पर अन्य स्टाफ था। सुबह करीब नौ बजे स्टाफ ने विवेक के फंदा लगाने की जानकारी दी थी। उसके बाद स्टाफ विवेक की सांसे चलता देखकर गोला पहले पीएचसी और उसके बाद सीएचसी लाए, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया, लेकिन गोला सीएचसी व पीएचसी में विवेक के आने की कहीं कोई इंट्री दर्ज नहीं है। इससे पुलिस का झूठ खुलकर सबके सामने आ रहा है।
परिवार वाले लगा रहे हत्या का आरोप
मृतक के भाई संदीप पिता भगौती प्रसाद का कहना है कि पुलिस ने घटना की सूचना उन्हें नहीं दी। इससे लगता है कि पुलिस ने उसे पीट पीटकर मार डाला है और अपना बचाव करते हुए मृतक के भाई संदीप की तहरीर पर महिला उसके पति के खिलाफ आत्महत्या के लिए प्रेरित करने की रिपोर्ट दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।
बाउंड्री के बाहर कैसे पहुंचा विवेक
विवेक जब पुलिस हिरासत में था तो वह शुक्रवार सुबह तार की बाउंड्री लांघकर पेड़ के पास कैसे पहुंचा और उसे रस्सी कहां से मिल गई। साथ ही दफ्तर और पहरे पर मौजूद पुलिसकर्मी क्या करते रहे। पत्रकारों ने जब एएसपी शैलेंद्र लालए सीओ रविंद्र कुमार वर्मा से जानकारी चाही वह कहकर टाल गए, बोले- यह विवेचना का विषय है। इससे प्रतीत होता है कि विवेक की मौत थाना परिसर में हुई है। स्टाफ कर्मियों का कहना है कि शुक्रवार को महिला का बयान एसडीएम गोला के कोर्ट में कराया जाना था।
आश्वासनों पर जाम तो खोल दिया, मगर बोले-हमें पुलिस पर नहीं विश्वास
ममरी। पुलिस हिरासत में हुई विवेक की मौत और पुलिस द्वारा लिखवाई गई तहरीर से गुस्साए मृतक के परिवार वालों ने तमाम ग्रामीणों संग हैदराबाद थाना के सामने रोड जाम कर पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया। मौके पर पहुंचे सपा के पूर्व विधायक विनय तिवारी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रहलाद पटेल के समझाने और डीएम के पैनल से जांच कराने के आश्वासन पर लोग जाम खोलने को राजी हुए। सड़क पर जाम लगाकर प्रदर्शन कर रहे मृतक के भाई संदीप और परिवार वालों का कहना है कि पुलिस ने जो तहरीर महिला और उसके पति मुकेश के खिलाफ लिखाई है उससे वह संतुष्ट नहीं हैं। पुलिस ने अपना बचाव करने के लिए यह कार्रवाई की है। इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। मौके पर पहुंचे सपा के पूर्व विधायक विनय तिवारी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रहलाद पटेल ने भीड़ को समझाकर जाम खुलवाया और फोन कर डीएम को घटना की जानकारी दी। जिस पर डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने पैनल से पोस्टमार्टम कराने का आश्वासन दिया है। एएसपी शैलेंद्र लाल ने बताया कि महिला को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि उसके पति की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। उन्होंने भी प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने का आश्वासन दिया। किसी अन्य अनहोनी से बचने के लिए अधिकारी मय पुलिस फोर्स शाम तक थाना में डेरा डाले रहे।
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