निघासन। पिकअप सवार बदमाशों ने बृहस्पतिवार को भेड़ मालिकों को तमंचों के बल पर बंधक बना लिया और उनकी सौ भेड़ों को पिकअप में लादकर भाग निकले। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बदमाशों की तलाश की, लेकिन कुछ पता नहीं चल सका। वहीं सुबह लखीमपुर शहर के निकट नौ भेड़ों का शव बरामद किया गया। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। भेड़ों की कीमत तकरीबन पांच लाख रुपये बताई जा रही है।
थाना फूलबेहड़ के गांव तेतारपुर निवासी रामलखन पाल और अन्य लोग अदलाबाद के पास पचपेड़ी घाट और सौना कलां के जंगल में भेड़ें चराने हर साल आते हैं। करीब एक महीना पहले रामलखन व उनके साथी राममूर्ति, सुशील कुमार और संजय अपनी भेड़ें लेकर अदलाबाद आए थे। जोकि ग्राम प्रधान छोटेलाल यादव के घर के पास बाड़ा बनाकर रहते हैं। मौसम खराब होने से गुरुवार शाम ये लोग भेड़ें चराकर जल्दी लौट आए और भेड़ों को बाड़े में बंद कर सो गऐ। रामलखन ने बताया कि रात करीब एक बजे दो पिकअप में सवार होकर करीब दस बदमाश आ धमके। बदमाशों ने तमंचे के बल पर सभी लोगों को बंधक बना लिया और शोर मचाने पर गोली मारने की धमकी दी। करीब आधे घंटे में बदमाशों ने सौ भेड़ों को पिकअप में लाद लिया। इसके बाद सभी बदमाश उनको धमकाते हुए पिकअप समेत भाग निकले। बदमाशों के जाने के बाद भेड़ पालकों ने शोर मचाया तो आसपास के ग्रामीण पहुंचे। सूचना पर पहुंचे प्रभारी निरीक्षक दीपक शुक्ल ने पड़ोस के थानों को घटना की सूचना दी। गांववालों को साथ लेकर बदमाशों की खोजबीन की गई लेकिन कुछ पता नहीं चला। लूटकर ले जाई गई भेड़ों की कीमत तकरीबन पांच लाख रुपये बताई जाती है। पुलिस ने लूटी गई भेड़ों में से नौ भेड़ों के शव लिलौटीनाथ मंदिर के पीछे फूलबेहड़ कोतवाली क्षेत्र के अंजनापुर मोड़ के पास बरामद किए हैं। आशंका जताई जा रही है कि या तो बदमाशों की हड़बड़ी में पिकअप से गिरकर भेड़ों की मौत हुई या फिर उनको मरी देखकर फेंक दिया गया। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि रामलखन पाल की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। जल्द ही लुटेरों का पता लगा लिया जाएगा।