लखीमपुर खीरी। शहर के साथ ही कस्बों में भी 10 रुपये के स्टांप पर एग्रीमेंट कराकर जमीनों की खरीद बिक्री का कारोबार जोरों पर है। प्रापर्टी कारोबारी इसके जरिए हर महीने स्टांप चोरी करके सरकार को करोड़ों की चपत लगा रहे हैं। कुछ प्लाट मालिकों ने मालिकाना हक न मिलने पर प्रशासन को शिकायत भी की। मगर, अफसरों ने उसे गंभीरता से नहीं लिया। फिलहाल प्रॉपर्टी कारोबारियों का हर महीने करोड़ों के स्टांप चोरी का खेल जारी है।
न लाखों के स्टांप खरीदना। न रजिस्ट्री का झंझट। मात्र 10 रुपये का स्टांप खरीदा। उस पर जमीन मालिक से एग्रीमेंट लिखवाकर रख लिया। फिर उसी जमीन पर मकान बनाया और महंगे दामों पर बेच दिया। इससे सरकार को हर माह करोड़ों के राजस्व का नुकसान हो रहा है। लखीमपुर में सीतापुर हाईवे, गोला रोड, बहराइच रोड पर होने वाली प्लाटों की खरीद बिक्री के अलावा धौरहरा, खमरिया और ईसा नगर समेत गोला तहसील में भी प्रापर्टी कारोबारी 10 रुपये के स्टांप के जरिए प्रापर्टी की खरीद बिक्री कर रोजाना लाखों की चोरी कर रहे हैं। अब तक तीनों तहसीलों से 200 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। इसके अलावा अन्य तहसीलों में भी 10 रुपये के स्टांप पेपर पर लिखापढ़ी करके करोड़ों की जमीनों के वारे-न्यारे किए जा रहे हैं। ऐसे मामले पकड़े जाने के बावजूद अफसर कार्रवाई नहीं कर रहे हैं, बल्कि जांच के नाम पर फाइलें दबा दी जाती हैं।
नगर पंचायत से गांवों तक फैला नेटवर्क
इस गोरखधंधे का नेटवर्क तहसील से लेकर कस्बों और नगर पंचायतों तक फैला है। धौरहरा नगर पंचायत में 10 रुपये के स्टांप पर रसीद लिखाकर रजिस्ट्री और दाखिल खारिज करा लिया गया। इसके अलावा यहां अन्य प्रापर्टी खरीद में भी कारोबारी रजिस्ट्री न कराकर जमीन मालिक से केवल 10 रुपये के स्टांप पर लिखा लेते हैं। मकानों के अलावा खेती की जमीनों की भी स्टांप पेपर पर लिखापढ़ी करके लाखों की स्टांप चोरी की जा रही है। कुछ समय पहले धौरहरा के मोहल्ला पठान वार्ड निवासी रफीक ने तो बच्चों सहित एसडीएम कार्यालय पहुंचकर खुद पर मिट्टी का तेल डालकर आत्महत्या की धमकी दी थी। पीड़ित रफीक ने बताया कि उसके पिता सिराजुद्दीन के नाम से दस रूपये के स्टाम्प पर एक रसीद अमीन पुत्र नसरु ने लिखवाई और नगर पंचायत में अपने नाम दर्ज करा लिया। उस भूमि पर प्रधानमंत्री आवास का निर्माण कर रहे है। मामले को गंभीरता से लेकर एसडीएम ने ईओ नगर पंचायत जितेंद्र कुमार और कोतवाल को कार्यालय में बुलाया और मौके पर जाकर निस्तारण के आदेश दिए।
बाक्स=वर्जन...
दस रूपये की रसीद पर नगर पंचायत कैसे दाखिल खारिज हो गई इसकी जांच कराई जा रही है पीड़ित व्यक्ति को पूरा न्याय मिलेगा। -सुनंदू सुधारकरण, एसडीएम, धौरहरा
अब तक ऐसे मामले सामने नहीं आए हैं। फिर भी हम राजस्व टीम से जांच कराएंगे। रजिस्ट्रार से भी आंकड़े लेंगे। ऐसी खरीद बिक्री होने पर दोषी पर स्टांप चोरी में कार्रवाई होगी। -अखिलेश यादव एसडीएम गोला।