निघासन। बीती 20 सितंबर को मझगईं रेंज के दुधवा जंगल में भैंस चराने गए 70 वर्षीय बुजुर्ग की हत्या करके भैंसें लूटने वाले चार आरोपियों को पुलिस ने शनिवार रात गिरफ्तार कर लिया। पुलिस टीम पर जानलेवा हमले और अवैध असलहे बरामदगी का मुकदमा भी दर्ज किया गया है। पुलिस ने लूटी गई भैंसों के साथ ही दो वाहन, चार नाजायज असलहे और कारतूस बरामद किए हैं।
गुरुवार को बौधिया कलां गांव के निवासी सत्तर वर्षीय भगवानदीन अपनी भैंसें चराने मझगईं रेंज की महोली बीट के जंगल में गए थे। देर शाम तक घर न आने पर घरवालों ने उसकी तलाश की, लेकिन पता नहीं चला था। शुक्रवार को एक बार फिर ग्रामीणों के साथ घरवालों ने भगवानदीन की तलाश शुरू की। शाम करीब छह बजे जंगल की रमुआपुर वन चौकी के समीप लक्खौहा तालाब के पास एक झाड़ी से भगवानदीन की लाश बरामद हुई थी। उसके हाथ-पैर गला और मुंह धोती फाड़कर बांध दिया गया था। भगवानदीन के नाक व कान से खून भी बहा था। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से भगवानदीन की दम घुटने से मौत की पुष्टि हुई थी। शुक्रवार को ही भगवानदीन के बेटे अकलेश की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात अभियुक्तों के खिलाफ बंधक बनाकर लूट व हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली थी।
कोतवाल दीपक शुक्ल ने बताया कि इसके बाद से आरोपियों की लगातार तलाश की जा रही है। शनिवार रात करीब सवा दो बजे मुखबिर की सूचना पर वह एसएसआई नरेंद्र प्रताप, एसआई राहुल सिंह, प्रेमचंद्र गौतम, हेड कांस्टेबल जयप्रकाश पटेल, जेपी यादव, नीरज चतुर्वेदी और सिपाही मृत्युंजय पांडे व रवि पाठक के साथ खैरहनी पचपेड़ा रोड पर नहर पुलिया के पास पहुंचे। वहां उनको दो महिंद्रा मैक्सिमो वैन खैरहनी की तरफ आती दिखीं। उनको रुकने का इशारा करने पर इनमें सवार लोग वैन रोककर भागने लगे। पीछा करने पर उन्होंने पुलिस टीम पर जानलेवा हमला करते हुए फायर किए। उनको घेरकर किसी तरह पकड़ लिया गया।
दोनों वैन से भगवानदीन की आठ भैंसें तथा पकड़े गए चार आरोपियों के कब्जे से एक बारह बोर अद्धी, एक बारह बोर तमंचा और दो 315 बोर तमंचे तथा दो खोखा व चार जिंदा कारतूस बरामद किए गए। इनके नाम पलिया कोतवाली के बोझवा निवासी प्रदीप कुमारए सरखना पश्चिम निवासी वीरेंद्र कुमार और गुलरा टांडा निवासी अकरम व साकिर अली बताए गए। इन लोगों ने गूंगे वृद्ध भगवानदीन के उसी की धोती फाड़कर हाथ.पैर बांधने तथा मुंह में कपड़ा ठूंसकर मुंह व गला बांधकर डालने के बाद भैंसें लूटने की बात कबूल की। कोतवाल ने बताया कि ये लोग भैंसे लूटकर उनको कहीं बेचने की फिराक में थे। चारों के खिलाफ चोरी का माल बेचने का काम करने के साथ ही पुलिस पर जानलेवा हमले का भी मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा गया है।