फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

विधायक से दबाव बनवाकर जांच में 'बरी' हो गए दोनों सिपाही

विज्ञापन
विज्ञापन
लखीमपुर खीरी। शहर के एक व्यापारी को दुष्कर्म केस में फंसाने की धमकी देकर एक लाख रुपये वसूलने के मामले में फंसे दोनों सिपाहियों ने आखिरकार सेटिंग कर ही ली। एक विधायक के जरिए व्यापारी पर इतना दबाव बनाया कि वह जांच कर रहे सीओ सिटी को बयान देने ही नहीं पहुंचा। इसके बाद सीओ सिटी ने शिकायतकर्ता के न आने का हवाला देकर अपनी जांच रिपोर्ट एसपी को भेज दी। इसके बाद सब खुश हैं कि चलो एक मामला निपट गया।
विज्ञापन

दोनों आरोपी सिपाही सदर कोतवाली में स्पेशल टीम में तैनात हैं। कुछ दिन पहले दोनों सिपाही मोहल्ला रामनगर के रहने वाले एक व्यापारी ने भाजपा नेता कपिल वर्मा के साथ 13 सितंबर को एसपी पूनम से मिलकर इन दोनों सिपाहियों के खिलाफ शिकायत की थी। व्यापारी के मुताबिक सिपाही विष्णु कुमार और सागर 15 दिन पहले वाहन धोने के उसके सर्विस स्टेशन पर आए थे। दोनों ने खुद को क्राइम ब्रांच से बताया और अपनी बाइक पर बैठाकर कोतवाली ले गए। सिपाहियों ने उसे एक शिकायती पत्र दिखाते हुए कहा कि एक महिला ने उस पर दुष्कर्म का आरोप लगाया है। अगर दुष्कर्म में जेल जाने से बचना चाहते हो तो दो लाख रुपये दो। व्यापारी के अनुसार उसके पिता ने बैंक से रुपये निकालकर 1.05 लाख पांच हजार रुपये सिपाहियों को दे दिए। शेष 95 हजार रुपये बाद में देने की बात कही तो सिपाहियों ने उसको हिदायत देकर छोड़ा था। व्यापारी के अनुसार सप्ताह भर पहले दोनों सिपाही उसके घर पहुंचे और बाकी के 95 हजार रुपये मांगे। उस दौरान बातचीत का ऑडियो टेप उन्होंने एसपी को सुनाया भी। इसके बाद एसपी ने व्यापारी की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए सीओ सिटी को जांच सौंप दी। बुधवार को सीओ ने अपनी जांच रिपोर्ट एसपी को भेज दी। इसमें कहा गया है कि कई बार बुलाने के बावजूद शिकायत करने वाला व्यापारी बयान देने नहीं आया।
...क्यों गायब हो गया व्यापारी
सीओ सिटी विजय आनंद का कहना है कि वादी कई बार बुलाने के बाद भी नहीं आया। इससे उसके बयान नहीं लिए जा सके। सवाल उठता है कि यदि व्यापारी बयान देने नहीं आया तो सीओ उसके घर जाकर भी बयान दर्ज कर सकते थे। जब जांच दी गई थी तो उसे किसी भी तरह पूरा तो उन्हें करना ही चाहिए था। इसी वजह से जांच रिपोर्ट पर भी सवाल उठने लगे हैं। सूत्रों की मानें तो सिपाहियों ने एक विधायक से गुजारिश की थी, इसके बाद व्यापारी को को दबाव में सिपाहियों से समझौता करना पड़ा। इसलिए व्यापारी ने किसी का भी फोन उठाना बंद कर दिया और सीओ सीओ के सामने बयान दर्ज कराने तक नहीं आया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें