लखीमपुर खीरी। वीडीओ त्रिवेंद्र कुमार के आत्महत्या मामले में नामजद भाकियू (लोकतांत्रिक) के चार नेता अब भी हाथ नहीं आए हैं। उन्हें सत्तापक्ष के एक विधायक का संरक्षण प्राप्त है। पुलिस की गिरफ्तारी से बचने के लिए चारों आरोपी लखनऊ में एक विधायक के आवास पर छुप गए हैं। पुलिस भी इससे अनजान नहीं है। पुलिस की टीमें भी लखनऊ में है, लेकिन वे दबिश डालकर आरोपियों को पकड़ने का साहस नहीं जुटा पा रही हैं।
गोला में 28 अगस्त को भाकियू (लोकतांत्रिक) की बैठक हुई थी, जिसमें यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह चौहान भी थे। उन्होंने मंच से बैठक में बुलाए गए गोला ब्लॉक के वीडीओ त्रिवेंद्र कुमार को काफी बुरा भला कहा था। पूरे किस्से का वीडियो बनाकर यूनियन के मीडिया प्रभारी ने फेसबुक और व्हाट्सएप पर वायरल कर दिया था। इससे आहत वीडीओ त्रिवेंद्र कुमार ने चार सितंबर की रात अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस ने इस प्रकरण में नौ लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है, लेकिन मुख्य आरोपी भाकियू (लोकतांत्रिक) के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह चौहान, कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप शुक्ला उर्फ श्यामू, मीडिया प्रभारी विकास शुक्ला और देवरिया प्रधान पुत्र पप्पू उर्फ हरदेव भागे हुए है। सूत्रों की मानें प्रधानपुत्र पप्पू उर्फ हरदेव जहां जिले के एक माननीय के संरक्षण में है। वहीं प्रदेश अध्यक्ष सहित तीनों नेता लखनऊ में सत्तापक्ष के माननीय के घर पर डेरा जमाया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगी चारों टीमें भी लखनऊ में मौजूद हैं। उन्हें पता भी है कि आरोपी किस माननीय के संरक्षण में और कहां पर हैं, लेकिन पुलिस दबिश देकर उन्हें पकड़ने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही है।
प्रदेश अध्यक्ष पर दर्ज हैं आठ मामले
लखनऊ के मॉल बाजार के रहने वाले आरोपी प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह चौहान के खिलाफ मॉल थाने पर हत्या के दो, हत्या की कोशिश के दो, बलवा, मारपीट, छेड़छाड़ आदि के कुल आठ एफआईआर पहले से ही दर्ज हैं। उसके खिलाफ गैंगस्टर और गुंडा एक्ट की भी कार्रवाई हो चुकी है।
आरोपियों की धरपकड़ जारी है। लखनऊ में भी कुछ संभावित स्थानों पर टीमों ने छापामारी की है, लेकिन आरोपी पकड़ में नहीं आए हैं। शीघ्र ही आरोपी पकड़े जाएंगे। -पूनम पुलिस अधीक्षक