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दुष्कर्म का आरोप लगाकर वकील को पहुंचाया थाने तो मचा हंगामा

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मोहम्मदी। जमीन संबंधी एक मुकदमे में पैरवी को आई महिला को वकील के साथ उसके घर में पकड़ा गया। महिला की सूचना पर ही पहुंची पुलिस वकील को पकड़कर थाने ले आई। वहां महिला ने दुष्कर्म का आरोप लगाया तो मामला गंभीर होने पर पुलिस भी सख्त हो गई। इस बीच अपने साथी के पकड़े जाने की खबर मिलते ही कस्बे भर के वकील और अन्य परिचित थाने पहुंच गए और थाना घेर लिया और साथी को छोड़ने की मांग करने लगे। कुछ भाजपाइयों की भी इसके लिए सिफारिश कराई गई, मगर पुलिस ने एक नहीं सुनी और महिला की ओर से देर रात एफआईआर दर्ज कर ली।
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प्रभारी निरीक्षक संजय त्यागी ने बताया कि महिला का एक मुकदमा यहां की अदालत में चल रहा है। काशीपुर (उत्तराखंड) की रहने वाली इस महिला का सिपाही पति शाहजहांपुर में तैनात है। महिला ने पुलिस को बताया कि उनका मुकदमा लड़ रहे वकील ओमप्रकाश तिवारी हर रविवार को फोन करके मोहम्मदी में अपने घर पर बुलाते थे। इस बार फोन करके कहा था कि आपका मुकदमा सही करा देंगे। इस पर वह रविवार को ढाई बजे यहां पहुंची। दर्ज कराई गई रिपोर्ट में महिला का आरोप है कि ओमप्रकाश तिवारी ने उसे चाय में नशीला पदार्थ मिलाकर दे दिया, फिर बेहोशी में उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस के मुताबिक बाद में होश आने पर महिला ने खुद फोन करके सूचना दी तो पुलिस मौके पर पहुंची। वहां से दोनों को थाने ले आई।
बाद में साथी वकीलों ने थाना घेर लिया और ओमप्रकाश तिवारी को निर्दोष बताकर हंगामा करते हुए छोड़ने की मांग की। इसके बावजूद पुलिस ने नहीं छोड़ा। एक विधायक ने भी इस दौरान बात करके मामले को जानने की कोशिश करने के बाद मामला देखने को पुलिस से कहा। मगर पुलिस ने देर रात महिला की तहरीर पर ओमप्रकाश तिवारी के खिलाफ नशीला पदार्थ पिलाकर बेहोश करने और फिर दुष्कर्म करने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली। इस बीच पुलिस वकील को मेडिकल परीक्षण कराने के बहाने थाने से अस्पताल ले गई। इसके बाद साथी अधिवक्ता चले गए।
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वकील ने कहा-मुझे फंसाया गया
महिला के आरोपों से बुरी तरह फंसे वकील ओमप्रकाश तिवारी का कहना है कि वह षड्यंत्र का शिकार हो गए हैं। वह खुद मामले की निष्पक्ष जांच कराना चाहते हैं। तिवारी ने बताया कि उनकी मांग पर ही मेडिकल परीक्षण कराया गया।
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