ईसानगर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा मिशन की एक एंबुलेंस से जा रहे पांच स्वास्थ्य कर्मी जगदीश पुर गांव में रास्ता भटक गए। चालक ने रास्ता पूछा तभी कुछ अराजक तत्वों ने बच्चा चोर की अफवाह उड़ा दी। जिस पर ग्रामीण एकत्र हो गए। एंबुलेंस में तोडफोड शुरू कर दी। सभी कर्मचारियों को बंधक बना लिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने सभी को बंधनमुक्त कराया।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा मिशन एंबुलेंस ईसानगर के डेबर गांव को दवा बांटने जा रही थी। चालक अनुज प्रताप रास्ता भटक कर जगदीश पुर गांव पहुंच गया। उसने ग्रामीणों से डेबर गांव के स्कूल का पता पूछा। इसी बीच किसी अराजक तत्व नें बच्चा चोर आने की गांव में अफवाह उड़ा दी। अफवाह फैलते ही सैकड़ों ग्रामीण एकत्र हो गये। ग्रामीणों ने एंबुलेंस में तोडफ़ोड़ शुरू कर दी। स्टाफ नर्स, चित्राशु देवी, एलटी आलोक मिश्रा फार्मासिस्ट आशीष शुक्ल, चालक अनुज प्रताप सिंह और सहायक कैलाश सिंह को बंधक बना लिया। इसी बीच चालक ने यूपी 100 पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने ज्यादा भीड़ देखी तो ईसानगर कोतवाली पुलिस को सूचना दी। जिस पर कोतवाल सुनील कुमार सिंह, धौरहरा और खमरिया पुलिस के साथ मौके पर पहुंच गए। स्वास्थ्य कर्मियों को बंधन मुक्त कराया। एंबुलेंस लेकर कोतवाली ईसानगर पहुंचे। स्वास्थ्य कर्मियों की तहरीर पर ग्रामीणों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार सिंह ने बताया बच्चा चोर की अफवाह पर ग्रामीणों ने स्वास्थ्य कर्मियों को बंधक बनाया था, जिन्हें रिहा करा लिया गया है। अराजक तत्वों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।